जम्मू। पद्म श्री पद्मा सचदेव महिला कॉलेज गांधीनगर में हिंदी विभाग ने हिंदी भाषा पर साप्ताहिक कार्यक्रम करवाया। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. मीनू महाजन मुख्य अतिथि रहीं। शिक्षाविदों ने हिंदी को रोजगार के साथ जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जबसे जम्मू-कश्मीर में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला है, तब से यहां रोजगार के अवसर बढ़े हैं। हिंदी विषय में पढ़ाई कर विद्यार्थी भविष्य संवार सकते हैं।
आज हिंदी रोजगार और संभावनाओं की भाषा बन गई है। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. रसाल सिंह कहा कि हिंदी को 14 सितंबर, 1949 में राजभाषा का दर्जा मिला था। उसके बाद प्रतिवर्ष हिंदी दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। प्रो. मीनू महाजन ने हिंदी विभाग के प्रयासों की सराहना की। प्राचार्य ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र लाभान्वित होंगे। इस तरह के व्याख्यानों से छात्रों के मन में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ती है। हिंदी की प्राध्यापक डॉ. भगवती वर्मा ने हिंदी सप्ताह के बारे में विचार व्यक्त किए। हिंदी विभाग के अध्यक्ष महाराज कृष्ण मूस्सा ने कहा कि विश्वभर में हिंदी में अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान कार्य किए जा रहे हैं। कई देशों में हिंदी स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही है। वीरवार को कार्यक्रम के समापन पर प्रो. सूरज मोहिनी सहित अन्य उपस्थित रहे।