ज्यौड़ियां। चिनाब दरिया में बढ़ते जलस्तर ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। खौड़ के गांव बकोर के मिडिल स्कूल का एक हिस्सा भी मंगलवार को चिनाब में बह गया। शिक्षा विभाग की तरफ से काफी अर्से से स्कूल को खाली कर लड़कियों के स्कूल में अटैच कर दिया था।
दरिया चिनाब को घरों की तरफ बढ़ता देख स्थानीय लोग परेशान हैं। क्योंकि चिनाब दरिया अब उनके घरों के नजदीक आ पहुंचा है। लोगों का कहना है कि बरसात अभी शुरू भी नहीं हुई कि चिनाब दरिया ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बता दें कि क्षेत्र के लगभग 15 गांव चिनाब दरिया के किनारे पहुंच चुके हैं। हर साल किसानों की सैकड़ों कनाल उपजाऊ भूमि का कटाव इसमें समा रहा है, लेकिन हमारी सरकारें विभाग तथा प्रशासन तमाशा देख रही हैं।
गांव बकोर के पंच प्रेम सागर ने बताया कि चिनाब दरिया हमारे आंगन तक आ पहुंचा है। पचास साल पुराने स्कूल का एक हिस्सा ढह गया है, बाकी बचा हिस्सा भी कब ढह जाए कोई पता नहीं, लेकिन यह फ्लड विभाग तथा हमारा प्रशासन क्या कर रहा है। सर्दी में जब जलस्तर कम होता है, तब चिनाब के किनारों पर क्रेट डालकर कटाव को रोका जा सकता है, लेकिन तब इसकी सुध नहीं ली जाती है। अब बरसात में जब पानी का बहाव तेज होता है, तो कटाव को रोकने का काम लगा दिया जाता है।
वहीं द्वारका नाथ, पुुरुषोत्तम लाल, गणेश दास आदि ने प्रशासन तथा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष प्रकट करते हुए कहा कि जब चिनाब में पानी कम होता है, तो फ्लड विभाग सो जाता है। जब पानी ज्यादा होता है तो दिखावे के लिए लोग आ जाते हैं। बकोर वासियों ने बताया कि बकोर गांव अब खतरे की कगार पर है, और गांव में 50 साल पुराना सरकारी हाई स्कूल की इमारत आधी बह चुकी है। आने वाले दिनों में बकोर के आधे घर चिनाब दरिया के बहाव में बह जाएंगे। अगर जल्द इसकी रोकथाम के लिए काम नहीं किया गया तो बकोर गांव का नामोनिशान नहीं रहेगा।
वहीं मंगलवार को गांव बकोर में एसडीएम अनिल ठाकुर, बीडीसी चेयरमैन ब्लॉक खौड़ बलबीर सिंह भाऊ, फ्लड विभाग के एक्सईएन अजय गुप्ता आदि भी पहुंचे, जिन्होंने चिनाब का निरीक्षण किया और लोगों को प्रेरित किया कि चिनाब के किनारे पर नहीं जाएं।