प्रवर्तन निदेशालय ने क्रिप्टो फ्रॉड केस में लद्दाख में पहली बार छापा मारा है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला लेह में मार्च 2020 में दर्ज किया गया था। एफआईआर और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) जम्मू और कश्मीर में मीर समेत अन्य का नाम शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को निवेश के नाम पर सात करोड़ रुपये का घोटाला करने के मामले में लद्दाख में छापा मारा। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद प्रवर्तन निदेशायल की यहां पहला छापा है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने निवेश के नाम पर क्रिप्टोकरेंसी घोटाला मामले में कार्रवाई की है।
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एजेंसी के जोनल अधिकारी ने लद्दाख के लेह शहर, जम्मू कश्मीर और हरियाणा के सोनीपत में छह जगहों पर छापा मारा है। यह मामला ए आर मीर और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में कार्रवाई हुई है।
जानकारी के लिए बता दें कि निवेशकों ने इमोलिएंट कॉइन लिमिटेड के नाम पर एक फर्जी क्रिप्टोकरेंसी के नाम से सात करोड़ रुपये की ठगी की। 2,508 निवेशकों ने पैसा जमा किया। हालांकि, उन्हें कोई रिटर्न या पैसा वापस नहीं मिला।
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जिसके बाद मामले की रिपोर्ट की गई। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला लेह में मार्च 2020 में दर्ज किया गया था। एफआईआर और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) जम्मू और कश्मीर में मीर और अजय कुमार चौधरी के खिलाफ दर्ज कुछ अन्य शिकायतों से जांच शुरू हुई।