अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद हजारों की संख्या में समर्थक ईडी कार्यालय नरवाल के बाहर पहुंचे। रात करीब दस बजे समर्थकों और पारिवारिक सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। इसी बीच, पूर्व मंत्री की पत्नी कांता देवी बीमार हालत में पहुंचीं और पति की गिरफ्तारी से भावुक होकर बेसुध हो गईं। मौके पर समर्थकों व परिवार ने उन्हें किसी तरह संभाला, पर उनकी आंखों में आंसुओं की धारा रुक नहीं रही थीं। बार-बार कह रही थीं कि पति निर्दोष हैं, मुझे मिलवा दो, लेकिन अनुमति न होने के चलते उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। चौधरी लाल सिंह को ईडी कार्यालय में रखने की बात सामने आने के बाद हजाराें की संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर बहसबाजी हुई। समर्थक कांता देवी को चौधरी लाल सिंह से मिलने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे, जब अंदर जाने नहीं दिया तो माहौल गरमा गया। समर्थकों ने पुलिस और प्रदेश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वकील भी मौके पर पहुंच गए और उन्हें भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई। रात करीब साढ़े 11 बजे पत्नी कांता अंडोत्रा को ईडी कार्यालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। अंदर जाकर उन्होंने पति चौधरी लाल सिंह का हालचाल जाना।
अधिकारियों ने खाना तक खाने नहीं दिया
हमने रात को कठुआ के लिए जाना था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और खाना तक भी नहीं खाने दिया। 1978 से पति लोगों की सेवा में लगे हैं। उनके साथ एजेंसी ने नाजायज किया है। पता नहीं था कि उन्हें कब गिरफ्तार किया है। मेरे आंसू देखो। औरत हूं कभी बददुआ नहीं दी, आज भी नहीं दे रही हूं, लेकिन अंदर से दिल रो रहा है। मेरे पति निर्दोष हैं।
- ईडी कार्यालय के बाहर पत्नी कांता अंडोत्रा
समर्थकों ने जमाया डेरा, नारेबाजी
जम्मू। समर्थकों ने लाल सिंह की गिरफ्तारी पर रात को ईडी कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया। जय डुग्गर-जय डोगरा के नारे लगाए। आरोप लगाया कि लाल सिंह को भाजपा में शामिल न होने की सजा दी जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से सियासी बदला लिया जा रहा है। चौधरी लाल सिंह जैसे जननेता को ऐसे गिरफ्तार करना सरकार की नियत पर सवाल उठाता है। दिल्ली में बैठे नेताओं के इशारे पर सारा खेल हो रहा है। सोची समझी साजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। ब्यूरो