जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार की रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। कुछ सेकेंड के लिए आए इन झटकों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में सहमे लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि कहीं से कोई जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। इन झटकों के बाद लोगों में भूकंप को लेकर दहशत का माहौल है। पिछले कई सालों बाद भूकंप के ऐसे तेज झटके आए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार की बुधवार की रात 8:34 मिनट 5.2 की तीव्रता से आए इस भूकंप का केंद्र जम्मू-कश्मीर ही था। यह जमीन के सिर्फ दस किलोमीटर नीचे था। राहत यह रही कि अगर जमीन अधिक देर तक ढोलती तो भारी जानमाल का नुकसान हो सकता था। जम्मू संभाग के अलावा कश्मीर में भी भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर में जनवरी 2018 में 6.2 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके आए थे। जम्मू कश्मीर में अब तक 8-10-2005 को 7.6 रिक्टर स्केयल की तीव्रता वाला सबसे बड़ा भूकंप आया है। वर्ष 2005 के बाद में लगातार भूकंप के झटके आ रहे हैं।
चंबा में लगे भूकंप के झटके, जानमाल का नुकसान नहीं
हिमाचल प्रदेश के चंबा और ऊना जिले में बुुधवार को भूकंप के झटके लगे। चंबा में पहले सुबह 7:58 बजे और बाद में रात 8:35 बजे भूकंप के झटके लगे रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र जिले के पूर्वोत्तर में जमीन से पांच किलोमीटर गहराई में बताया गया।
जिलाधीश विवेक भाटिया ने बताया कि किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। रात 8:35 बजे चंबा के साथ ऊना में भी भूकंप के झटके लगे। उधर, उपमंडल संगड़ाह की ग्राम पंचायत दाना घाटों के ऊंचा टिक्कर गांव में मौसम खराब होने के कारण बूंदाबांदी के बीच बिजली गिरने से आठवीं कक्षा के छात्र नरेश कुमार (16) की मौत हो गई।