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कश्मीर में भूकंप के झटकों से थमी सांसे

Fri, 27 Feb 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
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कश्मीर में मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस दौरान किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया कि कश्मीर में भूकंप  शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे आया जो मध्यम तीव्रता का था। इसे रिक्टर स्केल पर 5.3 मापा गया।
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उन्होंने बताया कि इस भूकंप का अधिकेंद्र पाकिस्तानी क्षेत्र में था। भूकंप के झटकों ने श्रीनगर शहर के साथ-साथ घाटी के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों की नींद उड़ा दी। स्थानीय निवासी अशफाक हुसैन के अनुसार वह सोए थे कि अचानक पलंग हिलने लगा। गौरतलब है कि कश्मीर भूकंप वाले क्षेत्र में स्थित है। अक्टूबर 2005 में भी कश्मीर में भूकंप आया था, जिसमें हजारों की संख्या में लोग मारे गए थे।
 
हर झटका याद दिलाता है एक मई का भूकंप
एक मई 2013 में शुरू हुए भूकंपों का सिलसिला लगातार जारी है। आज जब भी भूकंप का झटका आता है तो लोगों के दिलों में एक मई जैसा ही खौफ पैदा हो जाता है। भूकंप का झटका महसूस करते ही लोग सबकुछ छोड़कर घरों से बाहर की ओर दौड़ पड़ते हैं। वीरवार की रात ढाई बजे आए भूकंप के झटके ने एक बार फिर लोगों ने दहशत पैदा कर दी। आधी रात को ही लोग खौफ के मारे घरों से बाहर की ओर भाग खडे़ हुए।
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स्थानीय लोग सवाल उठाते हैं कि भूकंप की पहले से सूचना देने के लिए अभी तक कोई उपाय नहीं किया जा सका है। यहां तक कि हाल यह है कि दो वर्ष पहले अगस्त, 2013 में डिग्री कालेज डोडा में लगाया गया भूंकप मापक यंत्र वर्तमान में पूरी तरह बेकार पड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूकंप के कारणों को बताने में सरकार तथा प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह विफल रहा है। बस यहां भूकंप मापक यंत्र स्थापित कर लोगों को सिर्फ छलावे में रखा गया है।

बता दें कि एक मई, 2013 को भूकंप ने डोडा में भारी तबाही मचाई थी। डिग्री कालेज डोडा के प्रधानाचार्य जाहिर अब्बास हाशमी ने बताया कि पिछले वर्ष भूकंपों के दौरान तत्कालीन जिला आयुक्त के दिशा निर्देश पर हैदराबाद से आई एक टीम को कालेज की फिजिक्स लैब में भूकंप मापक यंत्र लगाने के लिए जगह दी, लेकिन ये तभी से बेकार पड़ा है। अब तो इस पर धूल भी जम गई है।

इस एजेंसी ने यहां न तो अपना कोई कर्मचारी नियुक्त किया, जिसे इसको चलाने की जानकारी हो और न ही हमारे शिक्षक या कर्मचारी को इसे चलाने के बारे में बताया गया। हालांकि, उस एजेंसी की तलाश और उससे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
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