अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जिले में तय रूट पर परिचालन नहीं करने वाले यात्री वाहन चालकों की खैर नहीं है। जिला प्रशासन ऐसे वाहनों का रूट परिमट रद्द करेगा। जिला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एआरटीओ न सिर्फ पहचान करेंगे बल्कि उचित कार्रवाई करेंगे। इसका सबसे ज्यादा असर ई-रिक्शा पर पड़ेगा, क्योंकि 75 रूट तय है, लेकिन एक पर भी परिचालन नहीं हो रहा।
जिले में दो साल में ई-रिक्शा की संख्या तीन हजार तक पहुंच गई। इसके चलते जिला प्रशासन ने परिचालन के लिए छह जोन में 75 रूट बनाए। पांच महीने बाद भी ई-रिक्शा का परिचालन तय रूट पर नहीं हुआ। इसका विरोध मेटाडोर और ऑटो रिक्शा यूनियन कर रही है। यूनियन के अध्यक्षा शांति स्वरूप ने कहा कि ई-रिक्शा बिना रूट के चल रहे हैं। इससे काम प्रभावित हो रहा है। वे कहीं से भी यात्री बिठा रहे हैं। वहीं, श्री माता वैष्णो देवी ई-रिक्शा यूनियन के प्रधान गौरव गुप्ता ने कहा कि रूट पर परिचालन करने में तैयार हैं, लेकिन जिस तरह से जोन बनाए उसे लेकर विरोध है। डीसी से कुछ छूट मांगी है। उनकी तरफ से बैठक बुलाई जानी थी, लेकिन अभी तक नहीं हुई। डीसी ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में तय रूट पर नहीं चलने वाले वाहनों का परमिट रद्द करने का निर्देश दिया है।
परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों को जागरूक करेगी। इसके बाद भी रूट पर परिचालन नहीं हुआ तो फिर विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें रूट परमिट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
- सचिन कुमार वैश्य, डीसी