- महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का नहीं मिला प्रावधान, लंबी दूरी में खड़े होकर सफर मजबूरी
- वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाओं की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। महिलाओं के लिए मुफ्त ई-बस सेवा शुरू होने के बावजूद उनकी परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ई-बस की सुविधा मुहैया कराने वाली स्मार्ट सिटी के जिम्मेदारों का कहना है कि जब तक टिकट का पैसा लगता था तो महिलाओं के लिए सीट रिजर्व रखा गया था लेकिन मुफ्त यात्रा की सुविधा दिए जाने के बाद रिजर्व सीट का अधिकार छीन लिया गया है।
इस मनमाने आदेश का असर शनिवार को जम्मू बस स्टैंड से जगती तक सफर के दौरान ई-बस में दिखा। बस स्टैंड से केसी मोड़, रिहाड़ी, अंबफला और नगरोटा होते हुए जगती तक सफर में यह स्थिति सामने आई। आधी आबादी खड़े होकर यात्रा करते नजर आई। बस चालक के अनुसार, पहले जब महिलाओं से किराया लिया जाता था, तब उनके लिए सीटें आरक्षित थीं। मुफ्त यात्रा शुरू होने के बाद अब कोई आरक्षित सीट नहीं है। स्मार्ट सिटी के ऑपरेशन इंचार्ज नरेंदर सिंह ने भी ई-बस में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट नहीं होने की पुष्टि की है। ई-बस में वरिष्ठ नागरिकों के अलावा गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाएं भी यात्रा करती हैं। लंबी दूरी के रूट पर सीट नहीं मिलने से उन्हें लगातार खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।
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मुफ्त यात्रा सुविधा राहत देने वाला कदम है, लेकिन इसके साथ बैठने की प्राथमिकता, सुरक्षा और सम्मान का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
- विमला देवी
संबंधित अधिकारियों को सीटों, बस स्टॉप और प्राथमिकता वाली सुविधाओं की व्यवस्था स्पष्ट करनी चाहिए। ताकि मुफ्त सफर महिलाओं के लिए सुविधा बने, परेशानी नहीं।
- कलाशो देवी
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