रियासत के बिजली प्रोजेक्टों की वापसी के लिए बजट सत्र में हुए हंगामे के बाद गठबंधन सरकार ने केंद्र पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए जल्द ही मंत्रियों का एक दल उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में नई दिल्ली जाएगा। उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह का कहना है कि इससे पहले भी केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल से मिले थे।
उन्होंने आश्वासन दिया कि दुलहस्ती और उड़ी पावर प्रोजेक्ट को वापस लेने के लिए एनएचपीसी से बातचीत करेंगे। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मंत्रियों का दल नई दिल्ली जाएगा और केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर पावर प्रोजेक्टों की वापसी के लिए दबाव बनाएंगे। उल्लेखनीय है कि दोनों पावर प्रोजेक्ट वर्तमान में एनएचपीसी के पास हैं और रियासत चाहता है कि अब उन्हें वापस लौटा दिया जाए।
इस मामले में भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार बनाने के लिए जो साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनाया था, उसमें भी दोनों पावर प्रोजेक्ट वापस लाने की बात कही थी। यही कारण था कि बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए सदन में काफी विरोध किया था।
बाद में सरकार ने आश्वासन दिया था कि वह इन प्रोजेक्टों की वापसी के लिए कटिबद्ध है और उसके लिए पूरा प्रयास करेगी। अब यह केंद्र पर निर्भर है कि दोनों प्रोजेक्टों की वापसी को वह कितनी गंभीरता के साथ लेती है।