दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को शुरू होने में कुछ दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में अच्छे अंक लाने का तनाव झेल रहे विद्यार्थियों को हर समय चिंता रहती है और वह हर वक्त पढ़ाई में लगे रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थियों को कम समय में पाठ्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से समझकर याद करना होगा।
अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों को चौबीस घंटे परीक्षा की तैयारी में व्यस्त न रखें। इससे दिमाग को थकावट होने लगती है। आर्मी पब्लिक स्कूल रतनूचक्क में काउंसलर साक्षी का कहना है कि विद्यार्थियों को चौबीस घंटे परीक्षा की तैयारी में व्यस्त नहीं रखना चाहिए।
अभिभावकों को भी समझना जरूरी है कि चौबीस घंटे पढ़ाई करने से पाठ्यक्रम याद नहीं होता। बच्चों को पढ़ाई के दौरान गैप देना चाहिए। सहपाठियों और दोस्तों के साथ ग्रुप डिस्कशन करने का बढ़ावा देना चाहिए। इससे बच्चों को पाठ्यक्रम की नई चीज समझने में आसानी होती है।
बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में हिस्सा लेने देना चाहिए। खेलों की गतिविधियों में हिस्सा लेने से बच्चों का दिमाग और शरीर चुस्त रहेगा तो वह अपनी परीक्षाओं को अच्छे ढंग से दे सकेंगे। अभिभावकों को बच्चों के साथ समय बिताकर बातचीत कर परीक्षा के डर दूर करने में मदद करनी चाहिए।
यह भी जरूरी
ग्रुप डिस्कशन और खेलों के लिए भी समय निकालें
बच्चों के मन से डर दूर करने की कोशिश करें अभिभावक
विषयों को याद करने के साथ समझने की जरूरत
अच्छे अंक लाने के चक्कर में अन्यथा तनाव लाने की जरूरत नहीं