श्रीनगर में शुक्रवार को सरकार का दरबार बंद हो गया। अब जम्मू में नौ नवंबर को दरबार सजेगा। 1872 में महाराजा गुलाब सिंह ने दरबार मूव की परंपरा शुरू की थी, जिसके तहत छह महीने जम्मू और छह महीने श्रीनगर में सचिवालय रहता है।
सचिवालय तथा सप्ताह में पांच दिन वाले कार्यालय शुक्रवार को बंद हो गए। छह दिन वाले कार्यालय शनिवार को बंद होंगे। 145 साल पुरानी इस परंपरा के तहत साल में दो बार रिकार्ड को लाने तथा ले जाने और कर्मचारियों को भत्ता के मद्दे में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं।
इसे देखते हुए इस परंपरा को बंद करने की समय समय पर मांग उठती रही है। साथ ही दोनों स्थानों पर सचिवालय स्थापित करने की मांग की जाती रही है ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।
कोरोना की वजह से इस साल गर्मी में श्रीनगर दरबार मूव विलंब से हुआ। जम्मू के कर्मचारियों को जम्मू में ही काम करने को कहा गया, जबकि घाटी के कर्मचारियों को मई से श्रीनगर में काम करने के आदेश दिए गए। दो महीने बाद जुलाई में सभी कर्मचारियों को काम पर आने के निर्देश दिए गए।