भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बने हालात में घुसपैठ की आशंका बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बाबत आगाह कर दिया है जिस पर फौरी हरकत करते हुए सीमावर्ती इलाकों से गुजरने वाले दरियाई नालों को नए सिरे से खंगाला जा रहा है। पुलिस सहित अन्य सुरक्षा बलों की अतिरिक्त नफरी को दरियाई नाले के पहरे पर बिठा दिया गया है।
जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे और रेल मार्ग से आने-जाने वालों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है। इसमें खासकर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की निशानदेही की जा रही है। शनिवार को एक पुख्ता इनपुट के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय सीमा के उस पार संदिग्ध हलचल देखी गई है।
घुसपैठ के लिए कुख्यात रही पाकिस्तानी पोस्टों पर संदिग्धों की मूवमेंट पर पहले से नजर रखी जा रही थी, लेकिन सीमावर्ती इलाके में पिछले दिनों हुई भीषण गोलाबारी और उसके बाद अचानक चुप्पी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
नाले पर बढ़ाई गई गश्त
सूत्रों के अनुसार पुलिस और सीआरपीएफ को बाकायदा घुसपैठ के प्रयासों की संभावना व्यक्त कर इनपुट जारी किया गया है। इसके मुताबिक सुरक्षा इंतजामों को बेहद कड़ा करने और संवेदनशील स्थानों, दरियाई नालों पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
इसी सूचना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा बलों की दरियाई नालों में नए सिरे से तैनात कर दी गई है। गश्त करने का क्रम तेज किया गया है। दरियाई नालों के अलावा हाईवे पेट्रोलिंग और क्विक रिएक्शन टीमों को ताजा हिदायतें जारी की गई हैं।
एसएसपी कठुआ मोहनलाल के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय सीमा के हालात को देखते हुए पहले से सुरक्षा इंतजाम बेहद कड़े किए गए हैं। घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा लगातार की जा रही है।
सरहद पर शांति से गुजरी एक और रात
लाइन ऑफ कंट्रोल और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के अन्य इलाकों में भले ही पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उल्लंघन जारी है, लेकिन कठुआ जिले की हद में आने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा शनिवार रात भी शांत रही। ऐसे में सीमा सुरक्षा बल के लिए भी जवाबी कार्रवाई करने के हालात नहीं बने।
हीरानगर सब डिविजन से लगती सरहद पर शांति को पाकिस्तान की मजबूरी माना जा रहा है। दरअसल हीरानगर सब डिविजन में पाकिस्तान की चौकियां ढलान पर हैं, जिसकी वजह से दोनों तरफ की गोलाबारी में पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हीरानगर में पिछले दिनों पाकिस्तान की गोलाबारी का बीएसएफ ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इससे पाकिस्तान का अच्छा खासा नुकसान हुआ है। यही वजह है कि हीरानगर सब डिविजन से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा का माहौल अन्य इलाकों की तुलना में शांत चल रहा है।