दक्षिण कश्मीर का त्राल शहर इस वर्ष की शुरुआत के करीब तीन माह में 36 दिन बंद रहा। बताया जा रहा है कि यह बंद अमूमन आतंकवादियों के मारे जाने पर शोक जताने और इस क्षेत्र में चल रही गिरफ्तारियों के विरोध में रहा।
गुलशनपोरा, रेसिपोरा और पिंगलिश में तीन अलग-अलग मुठभेड़ में चालू वर्ष के पहले तीन माह में त्राल शहर में सात आतंकी मारे गए। अरिपाल मुठभेड़ एकमात्र मुठभेड़ थी, जिसमें आतंकवादी एक सैनिक महेश कुमार मीणा को गंभीर रूप से घायल करने के बाद भागने में सफल रहा। हालांकि महेश की दिल्ली के एम्स में मौत हो गई थी।
व्यापारी संघ अध्यक्ष अशफाक अहमद कार के अनुसार शहर में मारे जाने की घटना के बाद त्राल लगातार चार दिन तक बंद रहा और चालू वर्ष में यह कई बार हुआ। युवाओं की धरपकड़ से युवाओं के प्रदर्शन के कारण कई बार कस्बे में बंद की स्थिति उत्पन्न हुई। व्यापारियों के अनुसार यह साल व्यापार पर भारी पड़ा।
चालू वर्ष में त्राल में मारे गए आतंकियों में लारिबल त्राल के शकूर अहमद पर्रे, चुरसू अवंतीपोरा के निवासी तौसीफ अहमद ठोकर और जुबैर अहमद भट, गुलशनपोरा त्राल के अदफर फैयाज उर्फ अबू जरार, इरफान अहमद राथर उर्फ अबू तालिब निवासी शरीफाबाद त्राल इससे अधिक मिंडोरा त्राल के जेईएम कमांडर मुदासिर अहमद खान शामिल हैं। इसके अलावा कस्बे में एक मुठभेड़ में एक गैर स्थानीय आतंकवादी भी मारा गया।