पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू में भड़की हिंसा को रोकने के लिए शहर में मंगलवार को पांचवें दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। लगातार कर्फ्यू के कारण जनजीवन पर बुरा असर पड़ने लगा है। जहां कहीं सब्जी की दुकानें बीच-बीच में खुलीं या रेहड़ी वाले सब्जी बेचने मोहल्लों में पहुंचे तो हरी सब्जी दोगुनी से भी ज्यादा कीमत पर बेच रहे थे।
मंगलवार को कर्फ्यू में मिली ढील के बाद लोग दुकानों पर उमड़ पड़े और सब्जियों की जमकर खरीदारी की। दुकानों में माल न होने के कारण ज्यादातर दुकानें बंद ही रहीं। दुकानदारों का कहना है कि मंडी से सब्जियां नहीं आ पा रही हैं, जिस कारण बचा हुआ माल बेचना पड़ रहा है। दूसरी ओर सब्जियों की किल्लत के चलते दुकानदारों ने मनमाने दामों पर सब्जियों को बेचा। हर सब्जी का मूल्य 50 से 60 प्रतिशत बढ़ाकर बेचा गया।
कर्फ्यू से पहले टमाटर 30-35 रुपए किलो था, जिसे 60 रुपए किलो तक बेचा गया। मटर 20 से बढ़ाकर 30 रुपए किलो, अदरक 120 से बढ़ाकर 200 रुपए किलो, गोभी 20 रुपए किलो से बढ़ा कर 40 रुपए किलो बेचा गया। केले कई जगह 100 रुपए दर्जन तक बेचा गया।
लोगों का कहना है कि अधिक दाम देने के बावजूद ताजा सब्जियां नहीं मिल रही हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी नहीं की गई। दूध, ब्रेड और अंडों जैसी आम चीजों के लिए भी लोगों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शास्त्री नगर की रहने वाली नेहा समसाल ने बताया कि वह पीजी में रहती है। पांच दिन से चल रहे कर्फ्यू के कारण उसे सब्जियां और दूध नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को कर्फ्यू में ढील मिलने पर भी दुकानों पर कुछ ताजा नहीं मिल पाया। इस कारण खाने में परेशानी होने लगी है।