जम्मू-कश्मीर के पहले ड्राई पोर्ट यानी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) के लिए कठुआ के बुद्धि गांव में जमीन चिह्नित कर ली गई है। इस साइट का निरीक्षण करने के लिए कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की टीम अगले सप्ताह दौरा करेगी। प्रशासन ने लगभग एक हजार कनाल जमीन औद्योगिक विभाग को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एमएमएलपी अथवा ड्राई पोर्ट बंदरगाह तर्ज की परियोजना है। इसे हर क्षेत्र के सामान के भंडारण से लेकर कंटेनर के जरिए आपूर्ति की सुविधाएं दी जाएंगी।
जम्मू-कश्मीर के लिए यह परियोजना आर्थिक सुधार, रोजगार सृजन और विकास को रफ्तार देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ड्राई पोर्ट से जम्मू-कश्मीर की देश के बाकी हिस्सों से कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। देश-विदेश की कंपनियाें को प्रदेश में निवेश के लिए लाना आसान हो जाएगा। दिल्ली कटड़ा एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक से निकटता के चलते बुद्धि क्षेत्र को एमएमएलपी के लिए माकूल बताया जा रहा है। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह साइट निरीक्षण के लिए टीम का दौरा तय हो गया है।
उद्योग, कारोबार की लागत घटेगी
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एमएमएलपी न सिर्फ लॉजिस्टिक लागत को कम करता है, बल्कि वेयर हाउस खर्च, वाहनों से प्रदूषण और जाम की स्थिति से निपटने में भी सहायक होता है। एमएमएलपी में गोदाम, रेलवे साइडिंग, रेफ्रीजरेशन हाउस, कस्टम क्लीयरेंस हाउस, यार्ड सुविधा, वर्कशॉप, पेट्रोल पंप, ट्रक पार्किंग, प्रशासनिक भवन, रहने एवं खाने-पीने की सुविधाएं आदि की सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
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स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन को 733 कनाल जमीन पहले से दी जा चुकी है। अतिरिक्त 250 कनाल जमीन भी हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है।
- ओमप्रकाश, जिला उपायुक्त कठुआ
प्रदेश में बड़े स्तर पर देशभर से कंपनियां निवेश के लिए आगे आ रही हैं। संभाग में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क प्रदूषण मुक्त वातावरण के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। इसकी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। एमएमएलपी के साथ हेल्थ सेक्टर में भी कंपनियां प्रदेश में आने वाले समय में निवेश के लिए पहुंच रही हैं। केंद्र सरकार की नीति के तहत जम्मू कश्मीर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास तेज हैं।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री