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Jammu News: मंदिरों के शहर को तस्करों ने बना लिया नशे का मुख्यालय

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जम्मू। शहर में कड़े प्रयास के बावजूद नशा तस्करी नहीं रुक रही। मंदिरों के शहर को तस्करों ने अपना गढ़ बना लिया है। एक तरफ कश्मीर से चरस, भुक्की और हेरोइन लाकर जम्मू से अन्य राज्यों में भिजवाई जा रही है, दूसरी तरफ राजस्थान और छत्तीसगढ़ के तस्कर भी गांजा बेच रहे हैं।
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छह महीने में छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और जम्मू के नरवाल और रेलवे स्टेशन के बाहर से 30 नशा तस्कर गांजे के साथ पकड़े गए। इनमें छत्तीसगढ़, राजस्थान के सबसे ज्यादा 20 आरोपी हैं। हैरानी की बात है कि 5 से 7 महिलाएं भी हैं। गांजे की मांग भिखारियों तक है। वहीं कश्मीर में पाकिस्तान के जरिए आने वाली हेरोइन भी यहां से आगे सप्लाई की जाती है जबकि वहां स्थानीय स्तर पर भुक्की और चरस तैयार की जाती है। इसे भी जम्मू लाकर आगे बेचा जाता है। तीन महीनों में जम्मू में भुक्की, हेरोइन और चरस के साथ 50 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। एसएसपी चंदन कोहली का कहना है -नशा तस्करों पर शिकंजा कसा है।
पंजाब और महाराष्ट्र तक फैला जाल
कश्मीर में बनाई जाने वाली भुक्की की पंजाब में खासी मांग है जबकि वहां बनाई जाने वाली चरस महाराष्ट्र में बिक रही है। कश्मीर में तैयार होने वाली भुक्की की क्वालिटी अच्छी मानी जाती है। इसी तरह पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की मांग अधिक है।
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कोई सैंपल फेल नहीं होता
जम्मू में पकड़े जाने वाली ड्रग्स के सैंपल जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे जाते हैं। हर महीने औसत 40 से 50 सैंपल जाते हैं। पता लगाया जाता है कि नशा सही है या नहीं, लेकिन आज तक कोई सैंपल फेल नहीं हो पाया। साफ है कि जम्मू में हेरोइन, भुक्की, चरस और गांजा उच्च क्वालिटी की भेजी जा रही है, जिसकी युवाओं को आसानी से लत लग रही है।
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