केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जतिंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स (अफस्पा) की यथास्थिति बनाए रखने या उसे हटाने का निर्णय राजनीतिक विचारधारा पर नहीं लिया जा सकता है। आतंकवाद को केंद्र बर्दाश्त नहीं करेगा। सुरक्षा से जुड़े अहम मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
ऐसे फैसलों के लिए सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और जमीनी स्तर के असली हालात पर काम किया जाए। उन्होंने पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि रियासत में बेहतर माहौल बनाने के लिए पड़ोसी मुल्क हमेशा अड़चनें पैदा करता रहा है। भारत के खिलाफ पाक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आतंकवाद पर हाउस में दो टूक अपनी स्थिति साफ कर दी है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए केंद्र पूरी तरह से तैयार है। जीएमसी में आतंकी हमले के घायलों को हाल जानने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शहीदों की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से शहीदों के परिवार वालों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि राज्य में अफस्पा हटाने का अभी अनुकूल समय नहीं है। रियासत में लगातार हो रहे आतंकी हमलों को देखते हुए सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ पूरे अधिकार देना जरूरी है।
ऐसे समय में अफस्पा हटाने पर शांत चल रहे कठुआ और सांबा जिले में हालात बिगड़ेंगे। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राज्य प्रमुख विधायक रविंद्र रैणा ने कहा कि ताजा आतंकी हमले उन लोगों की आंखें खोलने के लिए काफी हैं जो अफस्पा हटाने का समर्थन कर रहे हैं।