केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि मोदी सरकार में राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में एक संविधान और एक विधान को लेकर जो संघर्ष किया उनका पक्ष आखिरकार सही साबित हुआ है और नेहरू और शेख अब्दुल्ला गलत साबित हुए है।
कटड़ा में रविवार को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर जन जागरूकता कार्यक्रम में सिंह ने कहा कश्मीरी नेता अपने विरासती शासन को बहाल रखने के लिए अनुच्छेद 370 और 35ए पर लोगों को भ्रमित और उन्हें धोखा देते रहे। अनुच्छेद 370 के पक्ष में जो लोग बातें करते हैं कि बाहरी राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में नौकरी पा लेंगे उन्हें लोगों को यह बताना चाहिए कि पंजाब की सीमा से सटे कठुआ के कितने लोगों को पंजाब में नौकरी मिली।
हर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अपने भर्ती और अन्य नियम होते हैं। अनुच्छेद 370 हटने से जम्मू कश्मीर में विकास का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। हर क्षेत्र और हर वर्ग से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। इस मौके पर दिशा हास्टल में बच्चों के लिए बनाए गए बाथरूमों का भी उद्घाटन किया। मौके पर महासचिव अशोक कौल, पवन खजुरिया, भाजपा के पूर्व मंत्री अजय नंदा, बलदेव राज शर्मा, कुलदीप कुमार, राजेंद्र मेंगी, नगर पालिका अध्यक्ष विमल इंदू, उपाध्यक्ष अजय बडू, कुलदीप कुमार मौजूद रहे।
विरोध करने वाले बताएं 370 के क्या फायदे मिले: नारायण
कार्यक्रम में जनजागरण प्रमुख एवं पार्टी के उपाध्यक्ष कुंवर नारायण सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के फायदे अगले कुछ वर्षों में दिखने लगेंगे। इसे हटाए जाने का विरोध करने वाले लोग बताएं कि 370 के रहने से 70 साल में क्या फायदा हुआ। क्या आतंकवाद खत्म हो गया, बेरोजगारी समाप्त हो गई, पर्यटन बढ़ा या अन्य कोई लाभ हुए। कम से कम नई व्यवस्था के फायदे जानने के लिए कुछ तो वक्त देना चाहिए। कश्मीरी नेता लगातार लोगों को बहकाते रहे। महाराजा हरि सिंह के शासनकाल में 13 जुलाई को कानून हाथ में लेने पर हुई कार्रवाई में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दे दिया गया। बाद में शेख अब्दुल्ला, उमर व महबूबा सरकार में भी कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर हुई कार्रवाई में कई लोग मारे गए तो क्या उन्हें भी शहीद कह दिया जाए।
18 महीने से पहले सब कर दिए जाएंगे रिहा
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पत्रकार अक्सर कश्मीर में लोगों की हिरासत के विषय में पूछते रहते हैं तो उन्हें यही कहता हूं कि 18 महीने से पहले सब रिहा कर दिए जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश को राज्य बनाने का भी सवाल आता है तो उन्हें यह जवाब देता हूं कि इसमें 72 साल नहीं लगने दिया जाएगा। हालात सामान्य होते ही राज्य की स्थिति बहाल कर दी जाएगी।