श्रीनगर। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है, जो मुख्यतः एनसी सरकारों की पहल का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यह दिवस न केवल उपलब्धियों का मूल्यांकन करने का अवसर है, बल्कि डिजिटल युग में शिक्षा और साक्षरता की बदलती ज़रूरतों को समझने का भी समय है। उनके अनुसार, प्रदेश में शैक्षिक बुनियादी ढांचे पर पर्याप्त निवेश हुआ है, जिससे जम्मू-कश्मीर एक सफल उदाहरण के रूप में उभरा है।
डॉ. फारूक ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का नेतृत्व प्रारंभिक शिक्षा, स्कूलों के ढांचे में सुधार और उच्च शिक्षा को मज़बूत करने पर केंद्रित रहा है। उनकी सरकार की योजना जम्मू-कश्मीर को कानूनी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की है। उन्होंने आगे कहा कि उच्च शिक्षा में अनुसंधान, डिजिटलीकरण और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना प्रदेश की भावी प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने निरंतर निवेश पर बल देते हुए कहा कि इससे प्रदेश के छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।