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डीपीएस स्कूल में 'अबाया' पहनने से रोकने पर शिक्षिका ने दिया इस्तीफा

Sun, 19 Jun 2016 11:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
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प्रतीकात्मक - फोटो : Getty
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श्रीनगर के एक स्कूल में एक महिला टीचर को कथित तौर पर उनके पहनावे के कारण नौकरी से निकाले जाने पर विवाद हो गया है। कश्मीर में छात्रों और अध्यापकों ने इसका विरोध किया है।बताया जाता है कि श्रीनगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में टीचर के अबाया यानी काले रंग का लंबा गाउन और हिजाब पहनने का विरोध हुआ।
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शुक्रवार को स्कूल के छात्रों और अध्यापकों ने क्लासों का बहिष्कार किया और स्कूल प्रशासन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी किया। सुहैल इक़बाल के बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे बच्चे घर जल्दी आ गए। उन्होंने बताया कि स्कूल में कुछ तनाव हो गया है और छात्रों ने क्लासों का बहिष्कार किया।”इक़बाल के मुताबिक़ बच्चों ने बताया कि प्रिंसीपल ने महिला टीचर से अपनी ड्रेस और नौकरी में से किसी एक को चुनने को कहा।

कश्मीर प्राइवेट स्कूल संघ (केपीएसए) ने भी डीपीएस के फ़ैसले का विरोध किया है। डीपीएस भी संघ का सदस्य है। केपीएसए के प्रमुख डीएन वार ने बीबीसी को बताया, “मुझे विश्वास है कि डीपीएस धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में विश्वास रखता है। कौन कैसे कपड़े पहनना चाहता है, आप उसमें दखल नहीं दे सकते हैं। हम स्कूल के अधिकारियों को बुलाकर उनसे पूछेंगे कि ऐसा क्यों किया गया।”
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जब इस मामले में डीपीएस अध्यक्ष विजय धर से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि वो दिल्ली में हैं और इस मामले को देख रहे हैं।चश्मदीदों का कहना है कि स्कूल की प्रिंसीपल कुसुम वारिकू ने 10 क्लास को जीवविज्ञान पढ़ाने वाली महिला टीचर से 'ठीक से कपड़े पहन कर' स्कूल आने को कहा था। स्कूल के एक छात्र ने बताया, “जब टीचर ने पूछा कि उनके अबाया और हिजाब पहनने में क्या ग़लत है, तो प्रिंसीपल ने कहा कि उन्हें हिजाब और नौकरी में से किसी एक को छोड़ना होगा।”
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शिक्षिका को अबाया पहनने से रोकना गलत: इंजीनियर रशीद

- फोटो : Amar Ujala
राज्य विधानसभा में शनिवार को अवामी इतिहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष और लंगेट से निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने प्रश्नकाल के दौरान श्रीनगर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका को अबाया पहनने से रोके जाने और बांग्लादेश से आ रही दो कश्मीरी छात्राओं को नई दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने का मुद्दा उठाया।

रशीद द्वारा सदन में उठाए गए इन मुद्दों पर शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि एक निजी शिक्षण संस्थान में हुआ मामला गंभीर है। हम संबंधित स्कूल प्रबंधकों से बात करेंगे और सच्चाई का पता लगाएंगे। उन्होंने कहा कि यह फ्रांस नहीं है, हम एक बहुवादी संस्कृति वाले धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में रहते हैं। 

कम से कम हमारी रियासत में ऐसा नहीं होना चाहिए। हमें यकीन है कि स्कूल प्रबंधन इस मामले को लेकर पूरी संवेदनशीलता दिखाएगा। गौरतलब है कि एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में कथित तौर पर गत शुक्रवार को प्रबंधन ने एक अध्यापिका को अबाया पहनने से मना कर दिया था। इसके बाद अध्यापिका ने इस्तीफा दे दिया था। इस घटना के बाद स्कूल में छात्रों व स्टाफ ने हड़ताल कर दी।

इस बीच नईम अख्तर ने बांग्लादेश से लौट रही कश्मीरी छात्राओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने के मामले में कहा कि उन्हें संदेह के आधार पर कुछ देर के लिए रोका गया था। पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया। सभी छात्राएं यहां कश्मीर में अपने परिजनों के पास सुरक्षित पहुंच गई हैं।
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