जम्मू नगर निगम भंग होने में तीन माह से कम समय बचा है। मगर 40 हजार से ज्यादा घर डोर-टू-डोर योजना से नहीं जुड़ पाए। इस कारण कचरा सड़कों और डंपिंग साइट में फेंका जा रहा है। हालत ऐसे हैं कि दोपहर तक डंपिंग साइट से कचरा उठाने पर काम चलता रहता है। कुछ मोहल्लों में तो कचरा सड़क किनारे या गली किनारे लगा रहा है। इससे सफाई कर्मचारियों को परेशानी आती है।
योजना के तहत शहर के हर घर को अक्टूबर 2021 तक जोड़ना था, लेकिन लोगों ने प्रति माह सौ रुपये देने से मना कर दिया। इस कारण सफाई कर्मचारी घरों से कचरा एकत्रित करने नहीं आए। इसके अलावा सुविधाओं के अभाव में भी गंदगी से छुटकारा नहीं मिल पाया। नगर निगम ने वार्डों में पहले एक ऑटो लगाया था, जो बाद में दो कर दिए। ऑटो सुबह और शाम को जब पहुंचते हैं तो लोग काम में व्यस्त होते हैं। इस कारण डंपिंग साइट और सड़कें कचरा मुक्त नहीं हो पाईं। मौजूदा समय में शहर में एक लाख 20 हजार के करीब घर है। इनमें 80 हजार घरों से कचरा एकत्रित हो रहा है।
सदन में गरमाता है मामला
नगर निगम के अनुसार लोगों को जागरूक किया है। साथ ही कचरे से होने वाली बीमारियों के बारे में अवगत करवाया है। यही नहीं, कई बार शुल्क अदा करने के लिए कहा गया। वहीं, जनरल हाउस में हर बार सफाई का मसला खूब गरमाता है। घरों से कचरा एकत्रित करने के लिए कई फैसले तक लिए गए, मगर जमीनी स्तर पर कोई सिरे नहीं चढ़ पाया।
रोजाना 400 एमटी कचरा हो रहा एकत्रित
शहर में प्रतिदिन 400 एमटी कचरा एकत्रित होता है। 200 एमटी कचरा सूखा जबकि इतना ही गीला होता है। कोटभलवाल डंपिंग साइट में कचरे को ठिकाने लगाया जा रहा है।
जिन घरों से कचरा एकत्रित नहीं हो रहा है, वहां सख्ती की जाएगी। लोगों को प्रति माह शुल्क अदा करने के लिए कहा है। पूरे शहर में योजना को लागू किया जाएगा। - डॉ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी
लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें स्कूली बच्चों को शामिल करेंगे। शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए हर वार्ड में कार्यक्रम होंगे। - राजेंद्र शर्मा, मेयर