उधर, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर में पीआरसी (परमानेंट रेजीडेंट सर्टिफिकेट) धारकों को भी डोमिसाइल प्रमाणपत्र की जरूरत होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह लोगों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम में न आएं।
डॉ. जितेंद्र ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरियों व अन्य लाभ हासिल करने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट जरूरी होगा। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में रविवार को मंत्री ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश में यह भ्रम फैला रहे हैं कि जिनके पास पीआरसी है उन्हें डोमिसाइल प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा पीआरसी धारकों का सरलता से डोमिसाइल सर्टिफिकेट बन रहा है और उन्हें केवल आवेदन के साथ पीआरसी ही लगाना है। अन्य कोई दस्तावेज लगाने की उन्हें जरूरत नहीं हैं। सिंह ने कहा कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों का जहां तक प्रश्न है तो उन्हें डोमिसाइल सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए पीआरसी या विस्थापित के रूप में पंजीकरण सर्टिफिकेट लगाना होगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से डोमिसाइल सर्टिफिकेट हासिल किया जा सकता है।