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Jammu News: शहर में रोज पांच से सात लोगों को काट रहे हैं कुत्ते, रात को आतंक ज्यादा

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। मौसम में बदलाव होने के साथ ही स्ट्रे डॉग्स खूंखार हो गए हैं। अस्पतालों में प्रतिदिन कम से कम पांच से सात मामले कुत्तों के काटने के पहुंच रहे हैं। रात को ज्यादा आतंक मचा रहे हैं। पॉश इलाकों में शुमार गांधी नगर में कुत्तों की समस्या से लोग परेशान हैं। साथ सटे नानक नगर के लोगों में खौफ बढ़ गया है।
शहर के तकरीबन हर इलाके में कुत्तों का झुंड घूम रहा है, जो रात को वाहनों के पीछे दौड़ता है। अगर वाहन चालक ब्रेक लगा ले तो हमला होना लाजिमी है। खूंखार कुत्तों का लोगों में डर इतना बढ़ गया है कि दूर से इन्हें देखते ही अपना रास्ता बदल लेते हैं। मगर हर गली में घात लगाकर बैठे कुत्ते लोगों को शिकार बनाने की फिराक में रहते हैं। इसके पीछे कहीं न कहीं जिम्मेदार नगर निगम है, जो अब तक नसबंदी व टीकाकरण का काम पूरा नहीं कर पाया। शहर में 80 हजार से ज्यादा स्ट्रे डॉग्स हैं और निगम का दावा है कि अब तक 27 हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
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अंजान व्यक्ति को घुसने तक नहीं देते कुत्ते
वार्ड नंबर 57 मॉडल टाउन गंग्याल के तरविंद सिंह ने बताया कि हर गली में आठ से दस कुत्ते हैं। अगर कोई बच्चा सड़क पर घूम रहा है तो उसे काट रहे हैं। कई बार निगम को अवगत करवाया, पर कोई नहीं आया। रात को कोई गलती से मोहल्ले में आ जाए तो कुत्ते उसे घेर लेते हैं। वाहनों का पीछा करते हैं। इसी तरह गोरखा नगर के मनीष अधिकारी का कहना है-गली में एक कुत्ता है। कोई भी अंजान व्यक्ति इलाके मेंं आता है तो उसे काट देता है। इस कारण डर का माहौल है। नगर निगम को सूचना दी गई। इसके बावजूद कई लोग कुत्ते का शिकार बन चुके हैं। रात को परेशानी काफी बढ़ जाती है।
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ऐसे कर सकते हैं प्राथमिक उपचार
सबसे पहले घाव को धो लें। हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें। किसी साफ कपड़े की मदद से रक्तस्राव को कम करने की कोशिश करें। यदि एंटीबायोटिक क्रीम है तो उसे लगाएं। प्राथमिक घरेलू उपायों के बाद तुरंत डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर की सलाह पर रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं। कुत्ते के काटने के लक्षणों (लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार) का विशेष ध्यान रखें।

नसबंदी का काम जारी है। जहां से शिकायतें मिल रही हैं तो तुरंत टीम उस इलाके में पहुंच जाती है और कुत्तों को पकड़ती है।
- डॉ. सुशील, वेटरनरी अफसर, नगर निगम
डॉ. सुशील
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