जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में ड्रेस कोड को लेकर
जूनियर डाक्टरों और अस्पताल प्रशासन के बीच तकरार पर कई स्वर उभरने लगे
हैं। इसमें स्वास्थ्य से जुड़े अधिकांश संगठनों ने ड्रेस कोड का पालन करने
के साथ डाक्टरों और अस्पताल प्रशासन के बीच मतभेद दूर करने पर जोर दिया है।
हालांकि
रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन ने ड्रेस कोड का पालन करने से पहले जूनियर
डाक्टरों की पर्याप्त सुरक्षा की मांग दोहराई है। आल जम्मू-कश्मीर
आयुर्वेदिक कांग्रेस की बैठक में डाक्टरों से अनुशासन का पालन करने पर जोर
दिया गया। कांग्रेस के महासचिव डा. दिलीप सिंह संबयाल ने कहा कि ड्रेस कोड
पर डाक्टरों के बीच खुद की तकरार से समाज में उनकी छवि खराब हो रही है।
उन्होंने
सीनियर फैकल्टी से भी अपील की कि वे रोष जता रहे जूनियर डाक्टरों से बात
कर मामले को सुलझाएं। उन्होंने कहा कि ड्रेस कोड डाक्टरों के व्यवसाय से
जुड़ा है। इस बीच इंडियन हास्पिटल एसोसिएशन की जेएंडके चैप्टर की बैठक में
भी अस्पतालों में ड्रेस कोड का पालन कराने के लिए समर्थन दिया गया। प्रधान
डा. रूप लाल शर्मा ने कहा कि जूनियर डाक्टरों और जीएमसी प्रशासन के बीच जो
दूरियां बनी हैं उन्हें मरीजों के हित के लिए दूर किया जाए।
उन्होंने
सरकार से हस्तक्षेप कर इस मामले को जल्द सुलझाने पर जोर दिया है। आरडीए
जम्मू के प्रधान डा. नीरज शर्मा का कहना है कि वह ड्रेस कोड का विरोध नहीं
कर रहे हैं, लेकिन इस व्यवस्था से पहले जूनियर डाक्टरों की सुरक्षा को
सुनिश्चित बनाया जाए।