श्रीनगर। शहर के पारस अस्पताल में बीते दिनों एक मरीज की मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के इलाज करने पर रोक लगा दी है। यह रोक जांच जारी रहने तक जारी रहेगी।
सीएमओ की ओर से जारी आदेश के अनुसार, आठ चिकित्सकों और कर्मचारियों को पारस अस्पताल और क्षेत्र के अन्य स्थानों पर कार्य करने से रोक दिया गया है। इनमें सर्जन डॉ. शेख जहूर अहमद, सहायक डॉ. शाह नवीद, एनेस्थेटिस्ट डॉ. जाहिद, डॉ. सैयद दाऊद, डॉ. खावर और इनकी टीम व संबंधित ओटी तकनीशियन, प्रभारी आईसीयू और नर्स इंशा शामिल हैं। आदेश में कहा गया है, इन सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को जांच के लिए बुलाए जाने पर उपलब्ध रहना होगा।
ये है मामला
24 मई को पांपोर निवासी वसीम अहमद पठान की पारस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वसीम को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था। परिजन ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। बताया था कि पेट दर्द के इलाज के नाम पर अस्पताल के स्टाफ ने पांच लाख रुपये ले लिए थे और दो बार सर्जरी की थी, मगर सही इलाज नहीं किया, जिससे वसीम की मौत हो गई। इस पर परिजन ने हंगामा भी किया था और अस्पताल पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
गंभीर थी मरीज की हालत : डॉ. जहूर शेख
पारस अस्पताल के एमडी डॉ. जहूर शेख ने लापरवाही के आरोपों से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि मरीज को जब भर्ती किया गया, उसकी हालत चिंताजनक थी। परिजन को भी इस बारे मेें बताया गया था। जो आरोप लगे हैं, वह गलत हैं। संबंधित विभाग जांच कर रहा है, हम उसमें पूरा सहयोग कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी।