फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu Kashmir: दुष्कर्म मामले में तीन साल बाद भी डॉक्टर की गवाही नहीं, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जारी किया समन

Wed, 27 May 2026 12:49 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में तीन साल बाद भी मेडिकल जांच करने वाली डॉक्टर और अन्य गवाहों का परीक्षण पूरा नहीं हो सका है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले में देरी पर सख्ती दिखाते हुए डॉक्टर समेत सभी गवाहों को 13 जुलाई को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में तीन साल बाद भी पीड़िता की मेडिकल जांच करने वाली डॉक्टर की गवाही का परीक्षण नहीं हुआ। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने डॉक्टर के नाम समन जारी कर बयान दर्ज कराने और अन्य गवाहों को भी 13 जुलाई को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट, जम्मू के पीठासीन अधिकारी अमरजीत सिंह लांगेह के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश (एसएचओ, पुलिस थाना अरनिया) बनाम अभिषेक नंदवाल निवासी बिश्नाह के मामले में आरोपी पर आईपीसी की धारा 376, 504 और 506 के तहत यौन उत्पीड़न, धमकी देने और गाली-गलौज करने के आरोप हैं। यह मामला अरनिया पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान केवल एक गवाह अदालत में मौजूद रही। अदालत ने उसका बयान दर्ज कर उसे रिकॉर्ड का हिस्सा बना लिया।

अभियोजन की सुस्ती पर उठे सवालफास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के बाद नाबालिगों से दुष्कर्म से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारा हो रहा है। इसके बावजूद कई मामलों में अभियोजन पक्ष की धीमी कार्यप्रणाली के कारण सुनवाई लंबी खिंच रही है। पूर्व में भी अभियोजन पक्ष की लापरवाही के चलते मामलों के कमजोर होने के आरोप लगते रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें