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उल्टी-दस्त को नजरअंदाज न करें, हो सकता है कोरोना

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जम्मू। पिछले साल की तुलना में इस बार कोरोना वायरस के रूप बदलने के साथ इसके लक्षणों में भी बदलाव आया है। अब लोगों को पेट संबंधी समस्याओं को भी गंभीरता से लेना चाहिए। उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी शारीरिक समस्याएं भी कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। कई मामलों में ऐसे लक्षणों से कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है।
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जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि पिछले साल बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस में तकलीफ, बदन दर्द आदि को कोरोना के लक्षण माना जाता था, लेकिन इस बार कोरोना के वैरियंट वायरस में बदलाव आया है। इस साल कोरोना के नए लक्षणों में आंखों में दर्द, उल्टी दस्त, डायरिया, पेट में दर्द, नाखून का रंग बदलना, त्वचा में खारिश आदि देखे जा रहे हैं। पारा चढ़ने के साथ सीजनल बीमारियों में भी कोविड लक्षण मिल रहे हैं। खासतौर पर उल्टी दस्त की शिकायत बढ़ी हैं। कई मामलों में कोरोना वायरस फेफड़ों के साथ या उसकी जगह पाचन तंत्र पर हमला कर रहा है। इससे शरीर में गैस्ट्रोइंटेस्टाइन ट्रैक्ट में इंफेक्शन बढ़ जाता है। इस वजह से गंभीर रूप से डायरिया से मरीज ग्रस्त हो जाता है और उसे दस्त के साथ उल्टी आने लगती है। ऐसी स्थिति में शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की तेजी से कमी हो जाती है। इससे शरीर में कमजोरी महसूस होती है। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन, ब्लड और शुगर लेवल गिरने लगता है। ऐसी स्थिति में अचानक पीड़ित की मौत भी हो सकती है। बहुत से मरीजों को दो से तीन दिन तक उल्टी की समस्या बनी रहती है। मौसम के हिसाब से कोरोना वायरस अपनी संरचना को बदलता रहा है, ताकि इंसानी शरीर में वह खुद को अस्तित्व में रख कर संक्रमण फैला सके। बरसात या उससे पहले पेट खराब होने पर अधिकांश लोग इसे सामान्य में लेते हैं और ऐसी स्थिति में वे कोरोना की जांच नहीं करवाते हैं।
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लक्षण मिलने पर कैसे बचें
-अचानक उल्टी दस्त होने पर कोरोना की जांच करवाएं
-डॉक्टर की उचित सलाह पर दवाएं और आहार लें
-तापमान बढ़ने पर ताजा खाद्य पदार्थों का सेवन करें
-साफ पानी का ही सेवन करें
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