जम्मू। जिला मजिस्ट्रेट सचिन कुमार वैश्य ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग वाले हॉट स्पॉट और नशे की लत में फंसे लोगों की पहचान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा-ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहां दवाओं के अवैध आदान-प्रदान के लिए काम किया जा रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी शैक्षणिक संस्थानों और आसपास के क्षेत्रों में गलत गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करें।
वैश्य ने वीरवार को नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसएसपी डॉ. विनोद कुमार के साथ जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी रोकने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की। डीएम ने कहा कि नशे के प्रति जागरूकता लाने में शिक्षण संस्थानों की विशेष भूमिका है। कॉलेजों के प्राचार्यों को नशीली दवाओं के उपयोगकर्ताओं की पहचान और अधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया। प्रशासन के साथ समन्वय के लिए शैक्षणिक संस्थानों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया।
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डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पुनर्वास की आवश्यकता के लोगों की मदद के लिए परामर्शदाताओं की सेवाएं प्रदान करने का निर्देश दिया। पुनर्वास में जिला समाज कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। तंबाकू नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने की हिदायत दी। नशीली दवाओं के खतरे पर रणनीतिक रोक लगाने के लिए विभिन्न विभागों और अंगों के बीच डेटा साझा करने पर सख्त जोर दिया। युवा सेवा एवं खेल विभाग को खेल गतिविधियों को बढ़ाने और युवाओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली देने के लिए कहा। दवा दुकानों और मेडिकल दुकानों की औचक जांच का आदेश दिया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा।
एसएसपी ने शिक्षण संस्थानों में नामित नोडल अधिकारियों की भूमिका, पुनर्वास, परामर्श व उपचार की भूमिका पर जोर दिया। बताया कि नशीली दवाओं से संबंधित सभी जानकारी हेल्पलाइन नंबर 9086100100 पर साझा की जा सकती है। नशा मुक्त समाज के लिए व्यावहारिक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।