अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। किसान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आरएस पुरा ने मान्यता न होने के बावजूद छात्रों को दाखिला दिया। यही नहीं, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन सहित विभिन्न कोर्स के फर्जी डिप्लोमा दिए। यह खुलासा क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से न्यायालय में पेश की 301 पेज की प्रारंभिक चार्जशीट से हुआ है।
क्राइम ब्रांच ने किसान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के महाप्रबंधक गुरबख्श सिंह और उनकी पत्नी भारती भट्ट (प्रिंसिपल) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने खुद को किसान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का प्रबंध निदेशक और प्राचार्य बता कर छात्रों को फर्जी डिप्लोमा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। यह पूरा प्रकरण तब प्रकाश में आया जब क्राइम ब्रांच को कार्यकारी अभियंता पीएचई विभाग, डिवीजन पुंछ से शिकायत मिली। विभाग में अस्थायी कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था। इनमें ऐसे उम्मीदवार थे जिनके पास किसान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन डिप्लोमा प्रमाणपत्र थे। जब डिप्लोमा का तकनीकी शिक्षा निदेशालय से सत्यापन किया तो पाया कि नकली हैं। किसान प्रौद्योगिकी संस्थान को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में अगस्त 2016 से किसी भी ट्रेड में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। ब्यूरो