पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि रियासत में लोगों को बांटने की राजनीति घातक है। इससे सामाजिक स्तर के साथ सांप्रदायिक सौहार्द पर असर पड़ता है। कोई भी देश या राज्य अवाम और डिवीजनों के बीच दूरियां बनाकर नहीं चल सकता है। रियासत में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए।
शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में शुक्रवार को पहुंचे डा. फारूक ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत मायने नहीं रखती है। लेकिन पार्टी को अपने एजेंडों पर कायम रहकर काम करना है। समाज को जाति, रीजन और धर्म के नाम पर बांटने का काम नहीं होना चाहिए। इससे भाईचारे की नींव कमजोर पड़ती है।
नेकां ने हमेशा रियासत को बांटने वालों से संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि नेकां दोबारा सत्ता में वापसी करेगी। कार्यकर्ताओं को पार्टी की मजबूती के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अवाम के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनें और निराकरण करवाएं। इस दौरान डा. फारूक ने पार्टी नेताओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर पार्टी के कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला, प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, हरबंस सिंह, सुरजीत सिंह सलाथिया, शेख बशीर अहमद आदि मौजूद रहे।