नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने जम्मू-कश्मीर के 372 मदरसों में करोड़ों रुपये की धांधली का मामला उजागर किया है। कैग ने सीधी टिप्पणी की है कि नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये मदरसों को दिए गए, जबकि दिशा-निर्देशों के मुताबिक ये मदरसे मानक पूरा नहीं कर रहे थे।
इसके बावजूद पिछले साल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्य सरकार को 8.86 करोड़ रुपये जारी कर दिए। कैग ने इस बारे में मानव संसाधन मंत्रालय से जवाब मांगा तब जाकर मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार को जानकारी जुटाने के लिए पत्र लिखा।
पिछले साल जुलाई और अगस्त में राज्य सरकार से पत्र लिखकर पूछा गया कि उनकी ओर से जिन मदरसों को धन देने की सिफारिश की गई थी, उनको प्रमाणित करने के संबंध में दस्तावेज भेजे जाएं।