एलएसी पर लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। शनिवार को दूसरे दिन भी लेह और श्रीनगर एयरबेस से लड़ाकू विमान उड़ान भरते दिखे। इसके अलावा सड़क मार्ग से भी सैन्य वाहनों का काफिला भी लद्दाख की तरफ जाते दिखा।
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के अधिकांश जगहों पर भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के अलावा सेना की तैनाती है। यह दोनों एक-दूसरे के साथ पूरे समन्वय के साथ काम कर दुश्मन पर नजर बनाए हुए हैं।
मौजूदा तनाव को देखते हुए इनके कार्यप्रणाली पर बदलाव की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ समय के लिए सेना को आईटीबीपी का ऑपरेशनल चार्ज दिया जा सकता है।
इसके चलते आईटीबीपी के जवानों को कब और कहां तैनात करना है, पेट्रोलिंग कैसे करनी है, इसका फैसला सेना के कमांडर ही लेंगे। सूत्रों ने बताया कि एलएसी पर चीन ने अपनी फौज की भारी तैनाती के साथ बंकर बनाने के अलावा आर्टिलरी भी तैनात की है।
इसके अलावा चीन पूर्वी और मध्य लद्दाख से सटी एलएसी पर जवानों की संख्या में बढ़ोतरी कर रहा है। इसके बाद से भारत भी अपनी पूरी तैयारी में लगा हुआ है। शनिवार को लेह से एलएसी की ओर लगातार काफिले जाते दिखे। लेह एयरबेस पर बड़े मालवाहन जहाज भी लैंड करते दिखे। मिग-29 और सुखोई-30 एमकेआई के साथ अपाचे-चिनूक भी उड़ान भरते दिखाई दिए।