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JK: फायरिंग रेंज के नोटिस से 140 गांवों में हड़कंप

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राज्य गृह विभाग द्वारा सेना के लिए एसआरओ 462 के तहत क्षेत्र में कई एकड़ भूमि पर फायरिंग रेंज बनाने और आर्टिलरी प्रैक्टिस के लिए नोटिस निकालने से लोगों में हड़कंप मच गया है। फायरिंग रेंज के लिए जमीन लिए जाने के विरोध में स्थानीय ग्रामीण लामबंद होने लगे हैं।
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उनका कहना है कि इसकी वजह से सीमांत क्षेत्र के करीब डेढ़ लाख लोग प्रभावित होंगे। उन्होंने चेताया है कि वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर जमीन नहीं जाने देंगे। लामबंद किसानों ने इसके खिलाफ सोमवार को धरना प्रदर्शन का एलान किया है।

जानकारी के अनुसार राज्य गृह विभाग ने नोटिस जारी कर क्षेत्र के अखनूर, खौड़ और चौकी चौहरा के करीब 140 गांवों की भूमि जिसमें रिहायशी, कृषि भूमि सहित अन्य को चिह्नित किया है।
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सोमवार को दो महीने की समय सीमा खत्म हो रही है

यहां फायरिंग रेंज बनाने की बात कही गई है। इसके लिए दो महीने में डीसी जम्मू के समक्ष आपत्ति दर्ज कराने को कहा गया था। सोमवार को दो महीने की समय सीमा खत्म हो रही है। चिह्नित भूमि में अखनूर का आधा क्षेत्र, जबकि खौड़ और चौकी चौहरा का पूरा क्षेत्र आ रहा है। बताया जाता है कि 70 से 80 प्रतिशत भूमि इसमें आ रही है।

परगवाल और अखनूर क्षेत्र के मैरा मैदरियां, करताला का क्षेत्र इसमें नहीं है। सरपंच शमशेर सिंह, कुलदीप सिंह, गुल्लू राम, जगदीश राज शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से फायरिंग रेंज बनाने के लिए जिस भूमि की निशानदेही की गई है, वह कृषि योग्य है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूरे मामले को छिपाकर रखा। जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि फायरिंग रेंज के लिए जंगल या बंजर भूमि आवंटित की जाए।
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