अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगर निगम और जलशक्ति विभाग शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने के दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि शहर भर में करीब 600 सैंपलों की जांच करने पर 12 से 15 नमूने हर रोज फेल हो रहे हैं। लोगों का स्वास्थ्य भगवान भरोसे है।
कारण है - अधिकतर जगह पेयजल पाइप नालियों या नालों में डाले गए हैं। पुराने पाइपों में रिसाव के साथ गंदगी घुल रही है। नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसे पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। समस्या रिहाड़ी, पुराने शहर, कालिका कॉलोनी, तांगे वाली गली, रामकृष्ण मोहल्ले, बठिंडी, नरवाल, वार्ड-48, भोर कैंप में गंभीर बन चुकी है। यहां सैंपल भी फेल हो चुके हैं। शहरभर में लोग ऐसी शिकायतें विभाग से कर रहे हैं। गंदा पानी पीने से बैक्टीरियल संक्रमण, त्वचा रोग, खुजली, दाद, दस्त आदि बीमारियों से लोग पीड़ित हैं। जीएमसी समेत अन्य अस्पतालों में रोजाना पेट से जुड़ी बीमारियों का उपचार करवाने बड़ी 100 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं। यह सब गंदा पानी पीने से हो रहा है।
बीते दिनों तांगे वाली गली में लोगों ने नलों में गंदे पानी के साथ सीवरेज की दुर्गंध आने की शिकायत विभाग से की। जब सैंपल लेकर जांच की गई, पानी पीने लायक नहीं था। जलशक्ति विभाग ने आनन-फानन आपूर्ति बंद कर एक सप्ताह तक टैंकरों से लोगों की प्यास बुझाई। विभाग के अनुसार पाइप पुराने हैं। इससे समस्या आ रही है। अब शहर में नई पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद ही समस्या हल होगी। नालियों और नालों से पाइप बाहर किए जा रहे हैं। नालियों के अंदर पुराने पाइप होने के कारण गंदगी घुल रही है। इससे सैंपल फेल हो रहे हैं।
पुराने शहर में गंदे पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। बावजूद इसके जलशक्ति विभाग इसे हल नहीं कर रहा। पाइप नाले या नालियों में डाले गए हैं, जिनमें रिसाव होने पर गंदगी घुल रही है। नलों का पानी पीने लायक नहीं है। कई लोग पेट से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं।
- नीत मोहित, पुराना शहर
कालिका कॉलोनी में नलों में मटमैला पानी आ रहा है। गर्मी के दिनों में तो पेयजल किल्लत रहती ही है। लोगों को मजबूरन तवी नदी से पानी लाना पड़ता है। अभी तक पुराने पाइप बदलने पर जलशक्ति विभाग काम पूरा नहीं कर पाया है।
- शाम लाल बस्सन, पार्षद, वार्ड-48
नगर निगम के पास कई जगह से गंदा पानी आने की शिकायतें पहुंचती हैं। इस समस्या का समाधान करवाया जा रहा है। पुराने पाइपों को बदलने के बाद समस्या हल हो जाएगी, जिससे लोगों को साफ पानी मिलेगा।
- बलदेव सिंह बलोरिया, डिप्टी मेयर
पूरे शहर में पेजयल पाइपों को बदला जाएगा। पहले सर्वे किया जा चुका है। कई जगह काम चल रहा है। शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया करवाया जाएगा।
- राजिंदर शर्मा, मेयर
पानी की शुद्धता पर पूरा ध्यान दिया जाता है। रोजाना शहर भर से 600 तक सैंपल भरे जा रहे हैं, जहां सैंपल फेल हो रहे हैं तो पानी चेक करवाया जाता और पाइप बदलकर समस्या हल की जा रही है।
- विजय गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग
उबालकर पीएं पानी
जम्मू। गांधीनगर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. प्रवीण योगराज के अनुसार दूषित पानी का सेवन करने से कई बीमारियां हो सकती हैं। इसमें प्रमुख रूप से टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए, डायरिया डिसेंटरी, त्वचा संबंधी एलर्जी रोग आदि होते हैं। पानी को उबाल कर पीने से बीमारियों से बचा जा सकता है। पानी उबालने से इसमें सभी दूषित वैक्टीरिया मर जाते हैं। डाॅ. योगराज का कहना है कि अस्पतालों में दूषित पानी के सेवन से लोग पेट संबंधी बीमारियां से पीड़ित होकर पहुंचते हैं। लोगों के घरों में दूषित पानी आने का प्रमुख कारण गंदी नालियों में टूटे पाइपों से होकर पहुंचना है।