अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय और सभी अधीनस्थ न्यायालयों में अदालत के कमरों में एक सीमित सीमा तक प्रवेश की अनुमति है। मुंशियों और वादियों को प्रवेश की अनुमति नहीं है।
कोरोना संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट के बीच जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय ने सभी अधीनस्थ न्यायालयों व ट्रिब्यूनल में प्रत्यक्ष सुनवाई 14 मार्च से फिर शुरू करने का आदेश दिया है। हालांकि वर्चुअल सुनवाई पर भी रोक नहीं है।
विज्ञापन
रजिस्ट्रार जनरल संजीव गुप्ता की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय और सभी अधीनस्थ न्यायालयों में अदालत के कमरों में एक सीमित सीमा तक प्रवेश की अनुमति है, लेकिन मुंशियों और वादियों को प्रवेश की अनुमति नहीं है।
केवल वही अधिवक्ता जिनके मामले न्यायालयों में सूचीबद्ध हैं और जिन्हें कोरोना से बचाव के दोनों टीके लग चुके हैं उन्हें ही न्यायालयों में प्रवेश की अनुमति होगी। अदालत में आने वालों को अनिवार्य रूप से कोविड प्रोटोकाल का पालन करना पड़ेगा।
विज्ञापन
आदेश में कहा गया है कि टीकाकरण करवा चुके गवाहों और आरोपियों को जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में अनुमति दी जाएगी।कोर्ट परिसर के बाहरी गेट से केवल पूरी तरह से टीका लगाए गए व्यक्तियों को ही कोर्ट परिसर में वादियों के प्रवेश की अनुमति होगी।