रियासत में लगातार खराब मौसम सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के लिए चुनौती बना है। इस साल स्नातक पहले वर्ष में पहले चरण में नवंबर माह और दूसरे चरण में अप्रैल में परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं। इसके लिए पहली बार डिसप्ले योर टैलेंट, अंतर कालेज खेल स्पर्धाएं सहित अन्य गतिविधियों के लिए एक शेड्यूल तय किया गया है लेकिन मौसम की मार से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।
अब तक कई प्रतियोगिताएं स्थगित कर दी गई हैं और यह सिलसिला जारी है। विश्वविद्यालय जम्मू के स्टूडेंट वेलफेयर विभाग की ओर से आगामी दस सितंबर को सांस्कृतिक गतिविधियों के सबसे बड़े महाकुंभ डिसप्ले योर टैलेंट का आगाज किया जाना है। इसके लिए सेमेस्टर परीक्षाओं के हिसाब से पूरा शेड्यूल बनाया गया है लेकिन मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए निर्धारित शेड्यूल पर काम करना मुश्किल हो सकता है।
इन प्रतियोगिताओं में संभाग के सभी दस जिलों के कालेजों से प्रतिभागी शिरकत करते हैं लेकिन खराब मौसम के कारण अधिकांश जिलों के संपर्क मार्ग जिला मुख्यालयों से कटे हुए हैं, जिससे जम्मू तक ऐसे प्रतिभागियों का पहुंचना मुश्किल है। इसी तरह अंतर कालेज स्पर्धाओं में भी संभाग भर के कालेजों से प्रतिभागी पहुंचते हैं लेकिन मौजूदा हालात में ऐसे प्रभावित जिलों से प्रतिभागियों का पहुंचना संभव नहीं है।
स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन प्रो. पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक ही आगे का शेड्यूल तय किया जाएगा। शारीरिक शिक्षा विभाग विवि जम्मू के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ का कहना है कि शेड्यूल से स्थगित होने वाली प्रतियोगिताओं को बाद में करवाना मुश्किल होगा। सेमेस्टर परीक्षाओं के कारण एक माह विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए भी समय दिया जाना जरूरी है।
वहीं, युवा सेवा एवं खेल विभाग जम्मू के जिला खेल अधिकारी सुखदेव राज शर्मा का कहना है कि आगामी दस सितंबर तक सभी अंतर स्कूल, जिला और जोनल स्तर की खेल प्रतियोगिताएं स्थगित कर दी गई हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कश्मीर की टीमों का पहुंचना लगभग नामुमकिन है।
बास्केटबाल प्रतियोगिता आज
विश्वविद्यालय जम्मू में सोमवार को अंतर कालेज बास्केटबाल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। विभाग के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ के अनुसार कई टीमों ने अपने पहुंचने की सूचना दी है। इसके अलावा अंतर कालेज बैडमिंटन और खो-खो प्रतियोगिताएं करवाने के भी प्रयास किए जाएंगे लेकिन जमीनी स्तर पर परिस्थितियों को देखते हुए ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा।