फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैसे न दिए तो सरकारी डॉक्टर ने नहीं किया आपरेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
गांधीनगर अस्पताल के एक डाक्टर ने पैसे नहीं लाने पर महिला का आपरेशन करने से इनकार कर दिया। इस पर अस्पताल में बवाल मच गया। पथरी से पीड़ित महिला के परिवार के लोगों ने मेडिकल सुपरिटेडेंट के कमरे में जमकर हंगामा काटा तथा आपरेशन से इनकार करने वाले डाक्टर को तुरंत बुलाने की मांग की।
विज्ञापन


इस बात को लेकर कई घंटों तक तनाव बना रहा। गुस्साएं लोगों ने डाक्टर को अस्पताल से बाहर निकालने की मांग की है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट मोहम्मद यूनुस चौधरी ने सभी डाक्टरों को अपने कमरे में बुलाया और मामला जाना। फिर विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया।

महिला ने शिकायत गांधीनगर थाने में भी दी है। जानकारी मुताबिक अपर गाडीगढ़ निवासी सुदेश चौधरी के शरीर में पंद्रह एमएम की पथरी है, इसके लिए शनिवार को आपरेशन के लिए गांधीनगर अस्पताल आई थी, लेकिन यहां के एक सर्जन ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
विज्ञापन

विज्ञापन

परिजनों ने डॉक्टर के कमरे में किया हंगामा

इस पर निराश महिला घर लौटी और सारी जानकारी परिवार के लोगों को दी। परिवार के लोग जीएमसी आ धमके और मेडिकल सुपरिटेडेंट के कमरे में बवाल मच गया। महिला ने आरोप लगाया कि सर्जन ने उन्हें पहले 27 अक्तूबर को आपरेशन के लिए बुलाया।

सारी तैयारी करने के बाद आपरेशन नहीं किया, फिर 30 अक्तूबर को दोबारा बुलाया और एक निजी डाक्टर से टेस्ट करवाकर लाने को कहा। टेस्ट करवाने के लिए महिला जीएमसी बख्शीनगर चली गई, लेकिन वहां पंद्रह दिन के बाद आने को कहा गया।

इस पर दो हजार रुपये खर्च करके निजी डाक्टर से टेस्ट करवा लिए। शनिवार को जब महिला रिपोर्ट लेकर आई तो डाक्टर को मालूम हुआ कि वह टेस्ट करवाने पहले जीएमसी चली गई थी। इसी बात पर डाक्टर भड़क उठा और उसने फाइल जमीन पर फेंक दी।

महिला का आरोप है कि डाक्टर ने उसकी बाजू से खींच कर बाहर निकाला और आपरेशन के लिए 7000 रुपये लाने की मांग की। महिला ने इसकी शिकायत गांधीनगर पुलिस को भी दे दी है। वहीं डॉक्टर ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उसे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें