जेल विभाग के महानिदेशक (डीजी) हेमंत कुमार लोहिया का बुधवार को सम्मान के साथ जोगी गेट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। हेमंत के बेटे अनिकेत ने पिता को मुखाग्नि दी। पुलिस, प्रशासन और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इससे पहले जिला पुलिस लाइन में लोहिया को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर परिवार के सदस्य मौजूद रहे। अंतिम संस्कार शुरू होने के दौरान उनके परिजनों में चीख पुकार मच गई।
लोहिया की मां परमेश्वरी लोहिया ने जब बेटे की चिता देखी तो वह बिलख उड़ी। उन्होंने फूट-फूटकर कर कहा कि उनके बेटे की क्या गलती थी, उसने किसी का क्या बिगाड़ा था। सरकारी पैसे का कभी गलत इस्तेमाल नहीं किया। उनका बेटा अपना काम ईमानदारी से करता था। घर में उसके पास सिर्फ एक गाड़ी ही थी। बुधवार सुबह जीएमसी के शवगृह से फूलों से सजी गाड़ी में उनका शव जिला पुलिस लाइन पहुंचा। यहां से जोगी गेट ले जाया गया।
पूरे प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तैनात पुलिस अफसर लोहिया की अंतिम यात्रा में पहुंचे। एडीजीपी एके चौधरी, पूर्व गृह सचिव शालीन काबरा, एडीजीपी गरीब दास, एडीजीपी टी नामगयाल, पूर्व डीजीपी एसपी वैद, एसएसपी चंदन कोहली, जिला उपायुक्त अवनी लवासा आदि ने श्रद्धांजलि दी। डीजीपी की पत्नी मधु लोहिया, बेटे अनिकेत, बेटी नीतिका मौजूद रहे। अंतिम यात्रा में लोहिया के पिता, भाई, दोस्त और असम से कई रिश्तेदार जम्मू पहुंचे।
मेरे बेटे को क्यों मारा
हेमंत लोहिया की माता परमेश्वरी देवी का कहना है कि उनका बेटा बहुत अच्छा था। उसको क्यों मारा। किसी का क्या बिगाड़ा था। वो तो सबको संभालता था। मेरा बेटा बहुत ईमानदार था। कभी सरकार का पैसा नहीं खाया। कभी भ्रष्टाचार में नहीं रहा। मैं कहती थी कि सभी अफसरों के घरों पर कई गाड़ियां लगी रहती हैं। कोई गाड़ी लेकर क्यों नहीं आता, तो कहता था कि सरकार के पैसों का दुरुपयोग नहीं करना। एक पुरानी गाड़ी घर पर लगी होती थी।
रोइये नहीं, अपने आप को संभालिये
लोहिया के संस्कार में बुधवार को राजोरी, असम से भी उनके जानने वाले बड़ी संख्या में पहुंचे थे। उनके रिश्तेदार, भाई एवं उनका परिवार भी पहुंचा था। जैसे ही यह लोग जोगी गेट पहुंचे और संस्कार की तैयारी होने लगी, तो उनके रिश्तेदार और परिवार के लोग फूट-फूट कर रोने लगे। हालांकि लोहिया की पत्नी मधु अपने आप को संभालने का प्रयास कर रही थीं। तभी उनको एडीजीपी एमके सिन्हा ने कहा कि रोइये नहीं, बल्कि अपने आप को संभालिये।
हमने एक होनहार अफसर खो दिया : संधू
लोहिया के बैचमेट और पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के एडीजीपी हरप्रीत सिंह संधू भी बुधवार को लोहिया के अंतिम संस्कार में पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमने एक होनहार और ईमानदार अफसर खो दिया है। यह जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए बड़ी क्षति है। उनकी भरपाई करना पुलिस के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए संभव नहीं है।
डीजीपी की हत्या के बाद यासिर ने की थी खुदकुशी की कोशिश
डीजीपी जेल हेमंत लोहिया की हत्या करने के आरोपी यासिर ने वारदात के बाद खुदकुशी की कोशिश की थी। फरार होने के बाद वह एक खाली प्लॉट में छुप गया था, जहां उसने एक पेड़ पर अपनी बेल्ट बांधकर फंदा लगाया, लेकिन बेल्ट टूट गई। इससे वह बच गया।
सूत्रों के अनुसार यासिर ने यह सब बातें पूछताछ में पुलिस अधिकारियों को बताई हैं। हालांकि इसकी अधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले पर बोलने से इंकार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुधवार को पुलिस ने यासिर का मेडिकल चेकअप भी कराया है।