घायल श्रद्धालु को ले जाते टीम।
- फोटो : अभिषेक बड़ू
सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को प्यार से संभालने के बजाय सीधे डंडे बरसाने शुरू कर दिए। भीषण गर्मी में हजारों की भीड़ के लिए पर्याप्त काउंटर की व्यवस्था नहीं है। कतार में महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग से कोई इंतजाम न होने के कारण धक्का-मुक्की शुरू हुई। विशाल, श्रद्धालु राजकोट गुजरात
हम पिछले 36 घंटे से सफर करके जम्मू पहुंचे हैं। सुबह चार बजे से लाइन में लगे थे। काउंटर खुला तो अव्यवस्था हो गई। पुलिस ने बिना सोचे-समझे डंडे चलाने शुरू कर दिए। हम कोई अपराधी या चोर-उचक्के नहीं हैं, बाबा के भक्त हैं। क्या श्रद्धा का यही इनाम मिलता है।- प्रवीन, श्रद्धालु दिल्ली।
लाइन में महिलाओं और बुजुर्गों के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं थी। धक्का-मुक्की में कई महिलाएं गिर पड़ीं। जब लोगों ने इसका विरोध किया, तो पुलिस और सुरक्षा बलों ने रौद्र रूप दिखा दिया। प्रशासन को अपनी कमियां छुपाने के लिए लाठियां भांजने के बजाय काउंटरों की संख्या बढ़ानी चाहिए थी।- राजेश, श्रद्धालु मुरादाबाद यूपी
टिकट काउन्टर पर टोकन लेते श्रद्धालु
- फोटो : अभिषेक बड़ू
अमरनाथ श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन हर साल सुगम यात्रा के बड़े-बड़े दावे करता है। यहां वीआईपी लोगों को पिछले दरवाजे से टोकन बांटे जा रहे हैं, जिसे देखकर आम यात्रियों का सब्र टूट गया।- संगम चौधरी, श्रद्धालु रायबरेली यूपी