- पशुपालन विभाग ने गांव में मिल्क वैल्यू एडिशन स्टार्टअप यूनिट का किया उद्घाटन
- खालसा स्वयं सहायता समूह के सहयोग से चलाई जाएगी यूनिट
- संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। अब गांव टांडा में घी, मक्खन, कलाड़ी, पनीर और दूध से बने अन्य उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जाएंगे। गांव में पशुपालन विभाग ने 27 लाख रुपये से मिल्क वैल्यू एडिशन स्टार्टअप यूनिट स्थापित किया है। विभागीय अधिकारियों ने सोमवार को इस यूनिट का उद्घाटन किया। इसे स्वयं सहायता समूह खालसा के सहयोग से संचालित किया जाएगा। पहले चरण में उत्पाद तैयार करने के लिए पांच क्विंटल दूध प्रतिदिन एकत्रित किया जाएगा। फिलहाल यूनिट में पांच श्रमिक काम कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ने के साथ इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
स्वयं सहायता समूह को उम्मीद योजना के तहत विभाग की ओर से 27 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। इसमें 22 लाख रुपये की मशीनरी और दो लाख रुपये कार्य पूंजी शामिल है। तीन लाख रुपये का ऑटो भी शामिल है ताकि तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी विभाग जम्मू के डॉ. संजय गुप्ता, मुख्य पशुपालन अधिकारी जम्मू डॉ. जाहिद सलीम, पशुधन विकास अधिकारी डॉ. जफर इकबाल व एलडीओ आरएस पुरा डॉ. मुद्दसिर उपस्थित रहे।
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बल्क मिल्क कूलर लगाने की भी योजना
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आगे चलकर इन उत्पादों की ब्रांडिंग भी की जाएगी। जब दूध की मात्रा बढ़ेगी तो यहां बल्क मिल्क कूलर लगाने की योजना है। इसके लिए स्वयं सहायता समूह को 15 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. जफर इकबाल ने कहा कि पशुपालन विभाग का उद्देश्य है कि टांडा गांव का खालसा स्वयं सहायता समूह आगे चलकर एक सफल डेयरी मॉडल बने और यहां से उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद बाजार तक पहुंचें। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।