आरएस पुरा, बिश्नाह, अरनिया, रामगढ़, राजपुरा के लोग उठाएंगे सबसे अधिक लाभ
रामगढ़ से राजपुरा जाने की दूरी 42 किमी से कम होकर रह गई केवल 15 किमी
पंजाब जाने वाले सीमावर्ती लोग कठुआ और लखनपुर को छोड़ सीधे पहुंचेंगे गुरदासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के कौलपुर में देवक नदी पर बने पुल को मंगलवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आम जनता को सौंप दिया। इस पुल से आरएस पुरा, बिश्नाह, अरनिया, रामगढ़, राजपुरा, सांजी मोड के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। वहीं, पंजाब और जम्मू की ओर जाने के लिए अब रास्ता सुगम हो गया है। इससे लोगों के समय व तेल की भी बचत होगी।
स्थानीय निवासी कुलभूषण सिंह, सीमावर्ती गांव सारथी के संदीप सिंह, अवतार सिंह, सुरेश शर्मा, आदि ने कहा कि देवक नदी पर बने पुल से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए विजयपुर रामगढ़, आरएस पुरा की ओर जाने का सुगम मार्ग है। इससे समय की काफी बचत होगी। उनके अनुसार जम्मू जाने के लिए वह पहले सांबा जाते हैं, वहां से विजयपुर पहुंचते हैं। इस पुल के रास्ते जितना सांबा जाना है, उतने में वह विजयपुर के निकट पहुंच जाएंगे। रामगढ़ के लिए भी पहले सांबा जाना होता है। वहां से विजयपुर, फिर रामगढ़ व आरएस पुरा को पहुंचते थे। अब सीधा रामगढ़ और आरएस पुरा के लिए रास्ता मिल गया है।
रामगढ़ के लोगों को राजपुरा जाने के लिए पहले सांबा होकर लंबा रास्ता लेना पड़ता था। यह करीब 42 किमी का मार्ग था। लेकिन, इस पुल के बनने से अब रामगढ़ के लोग केवल 15 किमी का सफर तय कर राजपुरा पहुंच सकते हैं। वहीं, आरएस पुरा व रामगढ़ के लोगों को पंजाब की ओर जाने के लिए सरल रास्ता मिला है। अब सीमावर्ती लोग इसी मार्ग से पंजाब आराम से जा सकेंगे। इस पुल से जाने पर सीमावर्ती लोगों को कठुआ और लखनपुर न जाकर सीधे गुरदासपुर पहुंचने का लाभ मिलेगा। हीरानगर के पहाड़पुर से लेकर सांबा जिले के सीमावर्ती गांव के साथ रामगढ़, अरनिया, बिश्नाह व आरएस पुरा के दर्जनों गावों के लोगों को इस पुल का लाभ मिलेगा। यही नहीं सीमावर्ती क्षेत्रों में शीघ्र पहुंचने के लिए सेना व बीएसएफ को भी इसका लाभ मिलेगा।
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उद्घाटन समारोह के कारण प्रभावित रहा यातायात
देवक पुल के उद्घाटन समारोह के कारण दोपहर तक जिले में यातायात प्रभावित रहा। पंगदौर गांव से ही वाहन चालकों को सांबा की ओर जाने के लिए यातायात पुलिस कर्मी जागरूक कर रहे थे। इससे लोगो को आने-जाने की परेशानी बनी रही। क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल के जवान भी तैनात किए गए थे। सारे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया था। सीमावर्ती क्षेत्र होने से बीएसएफ को भी पूरी तरह सतर्क किया गया था।
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टीले पर चढ़कर भी कार्यक्रम का हिस्सा बने लोग
पुल के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। आयोजकों की ओर से बनाए पंडाल में करीब एक हजार लोग ही बैठ सकते थे। बाकी लोग पंडाल के बाहर खड़े होकर रक्षामंत्री को सुन और देख रहे थे। कुछ लोगों को पंडाल के बाहर भी जगह नहीं मिली तो वे टीले पर चढ़कर कार्यक्रम का हिस्सा बने।