प्रशासन ने हटाई धारा 144, इंटरनेट सेवा भी बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। एपेक्स बॉडी लेह (एबीएल) और सोनम वांगचुक ने पश्मीना/सीमा मार्च को रद्द कर दिया है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने इंटरनेट बंद करने और धारा 144 के तहत प्रतिबंधों के आदेश भी वापस ले लिए हैं। इससे स्थानीय पर्यटन ऑपरेटर, होटल/गेस्ट-हाउस मालिक और टैक्सी ड्राइवरों में अच्छे पर्यटन सीजन को लेकर उम्मीद जगा है। प्रासंगिक रूप से पर्यटन क्षेत्र लद्दाख को अभी भी कोविड के समय से झेले गए कष्टों से उबारना बाकी है। पिछले साल भी पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग अच्छे सीजन की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, गो एयर की ओर से हवाई सेवाएं बंद करने से किराए में वृद्धि हुई और परिणामस्वरूप लद्दाख आने वाले पर्यटकों की संख्या में भरी कमी आई।
इस वर्ष सामान्य से पहले मौसम सुहावना होने और पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे थे। हालांकि, सोनम वांगचुक और एलएबी की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन ने लद्दाख यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों के मन में कुछ शंकाएं पैदा कर दी थीं।
सूत्रों ने बताया कि सभी एयरलाइंस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है, ताकि वे गर्मियों के लिए लेह के लिए तदनुसार संख्या में उड़ानों की योजना बना सकें। आशंका है कि अगर उड़ानों की संख्या कम होगी तो इससे हवाई टिकट की कीमतें बढ़ेंगी और परिणामस्वरूप पर्यटकों की संख्या में कमी आएगी।
एक होटल मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, वह संयम और परिपक्वता दिखाने के लिए एबीएल, सोनम वांगचुक और प्रशासन का धन्यवाद करते हैं और इस गर्मी में अच्छे कारोबार की उम्मीद करते हैं। कई होटल और गेस्ट हाउस मालिकों ने कर्ज लिया है और बकाया चुकाने के लिए वह पर्यटन सीजन पर निर्भर हैं। एक टैक्सी चालक ने कहा कि हमें आश्चर्य है कि लद्दाख को युद्ध क्षेत्र के रूप में दिखाया जा रहा है, जो नहीं है। हमें उम्मीद है कि इस तरह की भ्रामक बातें प्रचारित नहीं की जाएंगी।