उपराज्यपाल ने दी राहत, दिव्यांगजनों को बांटे उपकरण, हर दिव्यांग को मिलेगा सम्मान, हक और साधन
- विशेष क्षमता वाले नागरिकों की राह की हर बाधा हटाई जाएगी
- 10 जिलों में 5,918 लाभार्थियों को बांटे जाने हैं 19,960 से ज्यादा कृत्रिम उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आधार कार्ड से लिंक न होने के कारण पेंशन के लिए भटक रहे 12,660 लाभार्थियों को प्रदेश प्रशासन ने राहत दी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को जम्मू कनवेंशन सेंटर में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में इन लाभार्थियों को एकीकृत सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत छह करोड़ 14 लाख रुपये की पेंशन राशि सौंपी। सिन्हा ने कहा कि सरकार अब एक नई मोबाइल एप ला रही है, जिससे योग्य, बुजुर्ग और दिव्यांगजन बिना किसी अड़चन के पेंशन प्राप्त कर सकेंगे।
एलजी ने कहा कि दिव्यांगजन समाज की ताकत हैं और उन्हें हर वह अधिकार मिलना चाहिए, जो किसी भी नागरिक को प्राप्त है। हर दिव्यांग को सम्मान, हक और साधन मिलना चाहिए। वे किसी पर निर्भर नहीं, बल्कि सक्षम और सशक्त नागरिक हैं। उनकी राह में कोई रुकावट नहीं रहने दूंगा।
कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक कल्याण निदेशालय जम्मू ने किया। इसके तहत जम्मू संभाग के दस जिलों में चिह्नित किए गए 5,918 लाभार्थियों को 19,960 से अधिक उपकरण प्रदान किए जाने हैं। इनमें ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, चलने की छड़ियां, श्रवण यंत्र, विशेष स्कूटी, चश्मे और अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं।
दिव्यांग नहीं, विशेष क्षमता वाले नागरिक
उपराज्यपाल ने कहा कि दिव्यांगजनों के पास विशेष क्षमताएं हैं, वे समस्याओं को हल करने की अद्भुत शक्ति रखते हैं। उनके अंदर समाज के प्रति गहरी संवेदनशीलता होती है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वे हर क्षेत्र में बराबरी से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि मैं अधिकारियों को निर्देश देता हूं कि वे समावेशी समाज की दिशा में कार्य करें, तकनीक का उपयोग करके दिव्यांगजनों के लिए हर सुविधा सुनिश्चित करें। कोई भी तकनीकी या सामाजिक बाधा उनके जीवन की राह में न आए। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन दोनों दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मेरा व्यक्तिगत संकल्प है कि हम एक ऐसे समाज का निर्माण करें, जहां सबको समान अवसर मिलें।
कार्यक्रम में जम्मू संभाग के कई जिलों से आए दिव्यांगजन, उनके परिजन, समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में विधायक शाम लाल शर्मा, अरविंद गुप्ता, गारूराम, विधायक युद्धवीर सेठी और सुरिंदर कुमार उपस्थित रहे। इनके अलावा मंडलायुक्त रमेश कुमार, सामाजिक कल्याण विभाग के निदेशक रूपेश कुमार और अन्य सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
पुनर्वास केंद्र और देखभाल संस्थान का किया उद्घाटन
एलजी ने 4.39 करोड़ रुपये की लागत से बने 50 बिस्तरों वाले ‘हाफ-वे होम’ का उद्घाटन किया, जो मानसिक रूप से उपचार ले रहे लोगों के सामाजिक पुनर्वास के लिए बनाया गया है। यह केंद्र जम्मू के लोअर चौआदी में स्थित है। साथ ही सांबा जिले के मंडी गुर्गलियां गांव में 3.03 करोड़ रुपये की लागत से बने परिषा बाल देखभाल संस्थान को भी जनता को समर्पित किया गया। यह संस्थान उन बच्चियों के लिए है जिन्हें सुरक्षा और विशेष देखभाल की जरूरत है।