सीमावर्ती इलाके में वीडीजी सदस्यों को प्रशिक्षण देता बीएएफ जवान: फाइल फोटो बीएसएफ जम्मू फ्रंट
- युद्ध जैसे हालात से निपटने के लिए बीएसएफ दे रही हथियार चलाने का प्रशिक्षण अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। युद्ध जैसे हालात में प्रथम पंक्ति के प्रहरियों का मजबूत सहयोगी बनाने के लिए विलेज डिफेंस गार्ड्स (वीडीजी) को तैयार किया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जम्मू फ्रंटियर इन्हें हथियार चलाने का प्रशिक्षण दे रहा है, ताकि स्थानीय रक्षा तंत्र तैयारियों को मजबूत बनाया जा सके। आतंकवाद प्रभावित जिलों में ग्रामीणों की सुरक्षा और सुरक्षाबलों की मदद में वीडीजी की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है।
इससे पहले सेना और पुलिस भी वीडीजी को प्रशिक्षण दे रही है। अब बीएसएफ भी वीडीजी को तैयार कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर आरएस पुरा, अरनिया, अखनूर सहित अन्य सीमावर्ती इलाकों में वीडीजी के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसमें हथियार चलाने, स्थिति जागरूकता, और सुरक्षा खतरों का जवाब देने के कौशल सिखाए जा रहे हैं।
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सीमावर्ती इलाकों में ग्रामीणों के
साथ मजबूत किया जा रहा समन्वय
सीमावर्ती इलाकों में ग्रामीणों के साथ भी समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया है। पाकिस्तान की हर नापाक हरकत को नाकाम किया है। सीमा पर बीएसएफ के बाद वीडीजी ही सुरक्षा कवच होते हैं। ऐसे में बीएसएफ वीडीजी को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार कर रही है, ताकि वे मुश्किल समय में बीएसएफ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें और दुश्मन के हर मंसूबे को नाकाम करने में मदद कर सकें।