- श्रीनगर और पहलगाम केंद्रों पर सफल परीक्षण,
- उत्तराखंड, हिमाचल के बाद जम्मू-कश्मीर में ऑटोमेटिक उपकरण लगाए जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर और पहलगाम में सफल परीक्षण के बाद जम्मू कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में स्नो गेज उपकरण स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इस उपकरण से बर्फबारी वाले क्षेत्र में वास्तविक समय में गिरी हुई बर्फ को मापने की सटीक जानकारी मिलती है। खासतौर पर जिन पहाड़ी क्षेत्रों में जनशक्ति कम होती है और वहां मैन्युअल स्तर पर बर्फ मापी जाती है, स्नो गेज ऐसे क्षेत्रों में स्थापित किए जाते हैं। इससे जनशक्ति की जरूरत नहीं होती है और यह ऑटोमेटिक मोड पर बर्फ की वास्तविक जानकारी देते हैं। यह सोलर पैनल पर चार्ज होकर सालों चलते हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बाद जम्मू कश्मीर में स्नो गेज स्थापित किए जा रहे हैं।
जम्मू कश्मीर के कई ऐसे पहाड़ी इलाके हैं जिनका सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण संपर्क कटा रहता है और वहां बर्फबारी की वास्तविक जानकारी नहीं मिल पाती है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर की ओर से कई पहाड़ी क्षेत्रों में वास्तविक बर्फबारी की जानकारी लेने के लिए मैन्युअल स्तर पर व्यवस्था की गई है, जिसमें सीमित जनशक्ति के माध्यम से बर्फ की जानकारी ली जाती है। लेकिन यह सभी क्षेत्रों में संभव नहीं हो पाता है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डा. मुख्तियार अहमद के अनुसार श्रीनगर और पहलगाम केंद्रों पर लगाए गए दो स्नो गेज उपकरणों से परीक्षण के दौरान बेहतर परिणाम मिले हैं। इससे भविष्य में बर्फबारी की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी। स्टाफ की कमी और भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में बर्फ की जानकारी लेना मुश्किल रहता है। ऐसे स्नो गेज को डोडा, किश्तवाड़, रामबन, गुरेज, मच्छल, टंर्गधार, शोपियां, पीर की गली आदि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थापित करने की योजना है। इससे बर्फ गिरने की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ऐसे क्षेत्रों में लगाई गई जनशक्ति का दूसरे कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।