जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2005 तक के मामलों को निपटाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय में विभिन्न विभागों के खिलाफ और किसी मुलाजिम के खिलाफ पुराने मामलों का निपटारा किया जाएगा। वर्ष 2005 तक के मामलों पर अंतिम सुनवाई होगी और इसके लिए नौ जजों को चुना गया है। हर एक जज को अलग-अलग मामले दिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने इसका निर्देश दिया है। जारी आदेश के मुताबिक इन जजों में न्यायाधीश ताशी रबस्टन, संजीव कुमार, सिंधु शर्मा, संजय धर, पुनीत गुप्ता, जावेद इकवाल वानी, मोहम्मद अकरम, राहुल भारती शामिल हैं।
न्यायाधीश ताशी रबस्टन को 13, संजीव कुमार को 22, सिंधु शर्मा को 25, संजय धर को 22, पुनीत गुप्ता को 19, जावेद इकवाल वानी को 21, मोहम्मद अकरम को 24, राहुल भारती को 15 मामले दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार इन मामलों की सुनवाई ऑनलाइन होगी। यदि जरूरत पड़े तो सुनवाई की तिथि स्थगित भी की जा सकती है। उच्च न्यायालय में कुछ मामले वर्ष 1996 से भी लंबित हैं। मामलों में 1999, 2000, 2002, 2003, 2004 और 2005 के भी मामले हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें अधिकतर मामले सरकार के खिलाफ हैं।