- तकनीकी ढांचे के साथ पूरी तरह से बार्डर प्रबंधन पर नजर रखी जाएगी
- मौजूदा बाॅर्डर पुलिस पोस्टों पर स्थानीय अपराध, कानून व्यवस्था का भी बोझ
- नई पोस्टें सिर्फ बाॅर्डर प्रबंधन का काम देखेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बनाई जाने वाली नई बाॅर्डर पुलिस पोस्ट बाॅर्डर प्रबंधन के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होंगी। यह मौजूदा बाॅर्डर पुलिस पोस्ट से पूरी तरह अलग और आधुनिक तकनीकाें से लैस होगी। इनका काम पूरी तरह से बाॅर्डर प्रबंधन का होगा। इसमें सीमा पार होने वाली घुसपैठ पर नजर रखना, सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखना, हथियारों और नशा तस्करी को रोकना और बाॅर्डर पर ओजी वर्करों की सक्रियता को रोकना है। जबकि मौजूदा बाॅर्डर पुलिस पोस्टों पर स्थानीय अपराध को लेकर कार्रवाई करना, क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने की भी जिम्मेदारी रहती है। नई पोस्टें सीमा के नजदीक बनाई जाएंगे।
जानकारी के अनुसार कश्मीर के बांदीपोरा, बारामुला और कुपवाड़ा जिलों में 25 और जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी और पुंछ में 20 बार्डर पुलिस पोस्ट बनाई जानी हैं। इन बार्डर पुलिस पोस्ट में ड्रोन पर नजर रखने जैसी तकनीक होगी। इसके अपने आसपास के चारों तरफ नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे, बार्डर पुलिस पोस्ट के पास बुलेट प्रूफ वाहन आदि होगी। इंटरनेट की बेहतर सुविधा होगी। सहायक सब इंस्पेक्टर या फिर सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में 10 से 15 लोगों की पूरी टीम होगी। जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ भी होगा। यह टीम पूरी तरह से बार्डर प्रबंधन के लिए ही समर्पित होगी। एडीजीपी आनंद जैन का कहना है कि बार्डर पुलिस पोस्ट में तकनीक का बड़ा इस्तेमाल होगा।
सीमा पार से बढ़ी है तस्करी
बता दें कि जम्मू कश्मीर में एलओसी और बार्डर से ड्रोन के जरिए हथियारों और नशे की तस्करी बहुत हद तक बढ़ गई है। पिछले 3 वर्ष से सीमा पार से करीब 150 बार ड्रोन के जरिए हथियार और नशा तस्करी की गई। इसमें बड़े स्तर पर क्षेत्रों के ओजी वर्कर भी शामिल हैं। इसी पर नजर रखने के लिए बार्डर पुलिस पोस्ट को स्थापित किया जा रहा है।