जम्मू। जम्मू-कश्मीर में निवेशकों को लाने के लिए औद्योगिक संपदाओं का विस्तार किया जा रहा है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने प्रदेश में पांच औद्योगिक संपदाओं के विकास के लिए 277 करोड़ से अधिक राशि मंजूर की है। इसमें मेडिसिटी पर भी ध्यान दिया गया है। बेमिना (रख अक्स गुंड), श्रीनगर में औद्योगिक संपदा मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। प्रशासनिक परिषद की मंजूरी के बाद भागथली (कठुआ) में 2949 कनाल भूमि पर औद्योगिक संपदा के निर्माण के लिए 83 करोड़ 60 लाख 90 हजार की राशि मंजूर की गई है। इसके साथ रोजगार के द्वार खुलेंगे।
इसमें विभिन्न घटकों में सिविल कार्य, जल वितरण प्रणाली, विद्युत कार्य पर जल्द निविदाएं कर काम शुरू किया जाएगा। इसमें सभी कार्य निविदाओं के माध्यम से पूरे करवाए जाएंगे। इसी तरह औद्योगिक संपदा मेडिसिटी बेमिना को स्थापित करने के लिए 39 करोड़ 36 लाख चार हजार रुपये की राशि मंजूर की गई है। इसमें भूमि विकास व अन्य ढांचों पर 504.93 लाख, सड़क नेटवर्क के अलावा निकासी प्रणाली पर 940.78 लाख, जल आपूर्ति वितरण नेटवर्क पर 493.38 लाख रुपये, विद्युत वितरण नेटवर्क पर 117.66 लाख रुपये, पारिस्थितिकी संरक्षण पर 565 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
-----
रखराड़ा रामगढ़ में 73.16 कनाल
में तैयार होगा औद्योगिक ढांचा
औद्योगिक संपदा रखराड़ा रामगढ़ (सांबा) का 73.16 कनाल भूमि पर निर्माण किया जा रहा है। इस संपदा के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 27 करोड़, 23 लाख और 69 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें सिकाप के आंतरिक ढांचे के विकास के लिए 1275.45 लाख, विद्युत आपूर्ति योजना के लिए 152.53 लाख रुपये, विद्युत आपूर्ति के लिए 1227.45 लाख और विद्युत आपूर्ति इलेक्ट्रिक डिवीजन विजयपुर के लिए 68.26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
------
सहर लगेट में औद्योगिक संपदा
पर खर्च होंगे 94.13 करोड़
आईजीसी सांबा में 460 कनाल की भूमि पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 34.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सहर लगेट (कठुआ) में नई औद्योगिक संपदा के निर्माण पर 94.13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। एलजी मनोज सिन्हा ने दावा किया है कि प्रदेश में मेडिसिटी के क्षेत्र में 4200 करोड़ रुपये के निवेश से बिस्तरों और एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि होगी।
दो माह में निविदा प्रक्रिया पूरी कर
शुरू करेंगे काम : प्रधान सचिव
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव विवेक भारद्वाज ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में नई औद्योगिक संपदाओं के निर्माण से निवेश के साथ रोजगार बढ़ेगा। निकट भविष्य में नई औद्योगिक संपदाओं पर नए औद्योगिक इकाइयां काम करना शुरू कर देंगी। कोशिश है कि दो माह के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू किया जाएगा।