अरनिया के किसानों और सब्जी विक्रेताओं की आरएस पुरा और जम्मू तक की दौड़ होगी खत्म
एक जनवरी से शुरू होगी मंडी, आर्थिक बोझ होगा कम
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। कस्बे में एक जनवरी से खुलने वाली नई सब्जी मंडी किसानों, व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं के लिए विकास की नई इबारत लिखेगी। यह स्थानीय किसानों और कारोबारियों के लिए फायदे का सौदा साबित होगी। इससे न केवल अरनिया से आरएस पुरा और जम्मू तक दौड़ खत्म होगी, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा।
अरनिया कस्बे में 40 साल से पुरानी सब्जी मंडी सड़क पर चल रही है। आजतक कोई विकास नहीं होने पर किसानों और कारोबारियों को आरएस पुरा और जम्मू में सब्जी भेजने में काफी खर्च वहन करना पड़ रहा है। अरनिया और आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सब्जी की पैदावार होती है। लेकिन 50 किलोमीटर दूर जम्मू मंडी में सब्जी पहुंचाने के लिए किसानों को काफी नुकसान होता है। एक बोरी पर करीब 30 रुपये किराया देना पड़ता है। इसके अलावा सब्जी भेजने के लिए शाम को ही गाड़ी भेजनी पड़ती है। किसानों का कहना है कि अरनिया में नई सब्जी मंडी खुलने के बाद जम्मू मंडी तक सब्जी भेजने का किराया बच जाएगा।
व्यापारी खुश, बोले-सुविधाएं बढ़ने से मिलेगा लाभ
व्यापारियों ने बताया की नई सब्जी मंडी खुलने से सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। जम्मू की तर्ज पर पड़ोसी राज्यों से सब्जी और फल का कारोबार कर सकेंगे। जो ग्राहक जम्मू मंडी में सब्जी लेने के लिए जाता है, वह सीधा अरनिया मंडी में पहुंचेगा। क्योंकि समय और किराया कम लगेगा।
50 किलोमीटर दूर जम्मू मंडी में सब्जी पहुंचाने के लिए आर्थिक बोझ पड़ता है। एक बोरी के लिए 30 रुपये देने पड़ते हैं। सब्जी जम्मू समय पर पहुंचाने के लिए शाम को ही गाड़ी भेजनी पड़ती है। अरनिया में सब्जी मंडी खुलने के बाद समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
- बलराज सिंह, किसान, अरनिया
नई सब्जी मंडी खुलने से सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। जम्मू की तरह अन्य राज्यों में भी कारोबार करने का मौका मिलेगा। ग्राहक जम्मू मंडी में सब्जी लेने के लिए जाता है, वह सीधा अरनिया मंडी में पहुंचेगा। अरनिया मंडी में उचित दाम पर हर प्रकार की सब्जी मुहैया की जाएगी।
- जनक राज उर्फ लाहोरी, व्यापारी, अरनिया
जम्मू मंडी में सब्जी की खरीदारी के लिए घर से सुबह ढाई से तीन बजे निकलना पड़ता है। रोजाना 200 से 300 रुपये खर्चा होता है। अरनिया में मंडी खुलने काफी फायदा मिलेगा। रोजाना जम्मू जाने का सिलसिला भी बंद होने के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा।
- पवन कुमार, सब्जी विक्रेता, अरनिया