दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के चौधरी गुंड में कश्मीरी पंडित की हत्या के बाद समुदाय में काफी आक्रोश है। गैर विस्थापित कश्मीरी पंडितों की कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (केपीएसएस) ने घटना को बहुत बड़ी सुरक्षा खामी बताया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के साउथ कश्मीर रेंज (एसकेआर) के डीआईजी ने इस एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि एक छोटा सा क्लस्टर है वहां हमारा गार्ड लगा हुआ है। इसके लिए हर कोई जिम्मेदार है।
कश्मीरी पंडित पूरण भट्ट की हत्या के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : हरदीप ठाकुर
केपीएसएस ने रोष जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि शोपियां के चौधरी गुंड में एक और कश्मीर पंडित की हत्या कर दी गई। 13 अक्तूबर को ट्वीट के बावजूद ग्राउंड जीरो पर कुछ भी नहीं बदला है। यह गृह मंत्री अमित शाह को संदेश है कि कश्मीर के हालात 1990 की तरह हैं। एक अन्य ट्वीट में समिति ने आरोप लगाया है कि डीसी और एसएसपी पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहे हैं कि वे जल्द अंतिम संस्कार कर दें, उन्हें घाटी में सामान्य स्थिति दिखानी है। केपीएसएस के अध्यक्ष संजय टिक्कू ने कहा कि बहुत बड़ा सिक्योरिटी लैप्स है। हम लगातार कह रहे हैं कि वह अच्छे से ड्यूटी नहीं निभा रहे हैं। एक ओर पुलिस का एक एसएचओ इलाके के लोगों को सूचित कर रहा है कि 3-4 दिनों के लिए मूवमेंट न करें।
कश्मीरी पंडित पूरण भट्ट की हत्या के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : संजय कुमार
उन्होंने कहा कि चार दिन पहले रेड अलर्ट का मैसेज आया था, लेकिन सोमवार को यह वारदात हुई जो पुलिस की पोल खोलती है। निंदा, बयानबाजी से कुछ नहीं होगा। अगर सही में इन वारदातों को बंद करना है तो कश्मीर के लोगों, धार्मिक नेताओं और मुख्यधारा के लोगों को इसके खिलाफ सड़कों पर उतरना चाहिए। गौरतलब है कि मृतक के एक रिश्तेदार ने बताया कि वो और उसके बड़े भाई का परिवार शोपियां में ही शुरू से रह रहा था। बड़ा भाई सरकारी टीचर है और पूर्ण बागवानी करता था। एक छोटा सा डेरी फार्म भी चलाते थे। उनका एक बेटा और बेटी भी है। बेटा 5वीं और बेटी 7वीं में पढ़ती है।
कश्मीरी पंडित पूरण भट्ट की हत्या के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : बासित जरगर
घर के पास ही पूर्ण कृष्ण को मारी गई है गोली
जिला पुलिस शोपियां के एक आला अधिकारी ने बताया कि घर के करीब ही पूर्ण कृष्ण को गोली मारी गई है। इलाके में नौ परिवार रहते हैं और उनके क्लस्टर के बीच में पांच प्लस एक की गार्ड है, जोकि घटना के समय तैनात था। घटनास्थल से 150 मीटर की दूरी पर आरआर का कैंप भी है। ऐसे में आतंकवादी कहां से आए इसकी जांच की जा रही है। परिवार जम्मू के लिए रवाना हुआ है और अभी तक कोई चश्मदीद सामने नहीं आया है। जो सुराग मिले हैं उनसे पता चलता है कि आतंकवादी बगीचों से होकर आया था। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीआईजी एसकेआर सुजीत कुमार ने कहा यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हर पहलू की जांच की जा रही है। घटना को एक आतंकवादी ने अंजाम दिया है आगे पीछे और कोई छिपा हो वो साफ नहीं हो पाया है।
कश्मीरी पंडित के हत्या के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : बासित जरगर
मई से जून तक 32 दिन में 10 लोगों की हत्या
-
18 जून: पुलवामा में पुलिस के सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर की हत्या
-
2 जून: बडगाम में दो गैर कश्मीरी मजदूरों को बनाया निशाना, एक की मौत और एक घायल
-
2 जून:कुलगाम जिले में एक बैंक प्रबंधक की गोली मारकर हत्या
-
31 मई: कुलगाम के गोपालपोरा में हिंदू महिला शिक्षक रजनी बाला की हत्या
-
25 मई: बडगाम में घर पर टीवी कलाकार अमरीन भट की हत्या। 10 वर्षीय भतीजा हाथ में गोली लगने से घायल
-
24 मई: श्रीनगर में पुलिसकर्मी सैफुल्ला कादरी की हत्या। 7 साल की बेटी घायल
-
17 मई: बारामुला में शराब दुकान पर ग्रेनेड हमला, राजोरी के सेल्सैन रंजीत सिंह की मौत व तीन अन्य घायल
-
13 मई: पुलवामा के गडूरा में निहत्थे पुलिसकर्मी रियाज अहमद की हत्या
-
12 मई: बडगाम में कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की चाडूरा तहसील कार्यालय में घुसकर हत्या हत्या
-
7 मई: श्रीनगर में डॉ. अली जान रोड पर आइवा ब्रिज के पास आतंकवादी हमले में पुलिस कांस्टेबल गुलाम हसन डार की मौत